दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ा प्रदूषण: हवा हुई खराब, लागू हुआ GRAP-1
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दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ा प्रदूषण: हवा हुई खराब, लागू हुआ GRAP-1

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता (AQI) 208 दर्ज होने के बाद CAQM ने लागू किया ग्रैप का पहला चरण; आने वाले दिनों में और बिगड़ सकती है हवा की सेहत।


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Air Pollution In Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में हवा की सेहत एक बार फिर बिगड़ने लगी है। मंगलवार (19 मई) को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 'खराब' (Poor) श्रेणी में पहुंचते ही प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (Stage-1) को तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला किया है।


आयोग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में हवा का स्तर (AQI) 208 दर्ज किया गया है, जिसके बाद सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए यह कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

आने वाले दिनों में और दमघोंटू हो सकती है हवा
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने क्षेत्र में मौसम की स्थिति और वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुमानों की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन बैठक की।

मौसम विभाग का अनुमान: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आईआईटीएम (IITM) के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी मौसमी परिस्थितियों के कारण हवा की गुणवत्ता इसी 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है।

रोकथाम की कवायद: हवा का स्तर और ज्यादा न बिगड़े और यह 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में न पहुंचे, इसी को देखते हुए ग्रैप-1 (GRAP-1) की पाबंदियों को समय रहते एक्टिवेट कर दिया गया है।

प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम, उड़ती धूल पर लगेगी लगाम
ग्रैप के पहले चरण (Stage-1) के लागू होने के साथ ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसके तहत निम्नलिखित कदमों पर जोर दिया जाएगा:

धूल नियंत्रण (Dust Control): निर्माण और डिमोलिशन (C&D) साइटों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए कड़े नियमों का पालन करना होगा।

मैकेनिकल स्वीपिंग और वाटर स्प्रिंकलिंग: सड़कों पर धूल को बैठने के लिए नगर निगमों द्वारा पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल तेज किया जाएगा।

कचरा जलाने पर पूरी रोक: खुले में कूड़ा-कचरा या बायोमास जलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

वाहनों की सख्त चेकिंग: अधिक प्रदूषण फैलाने वाले और तय समय सीमा पार कर चुके पुराने वाहनों पर निगरानी बढ़ा दी जाएगी।

सभी सरकारी एजेंसियों को मुस्तैद रहने के निर्देश
CAQM ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान) की सभी संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों (Enforcement Agencies) को निर्देश दिया है कि वे ग्रैप-1 के तहत तय किए गए सभी उपायों को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करें। आयोग ने साफ किया है कि नियमों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले विभागों या बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई होगी।


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