
दिल्ली में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, पहली बार पहुंचा 8439 MW
मई महीने में दिल्ली में भीषण गर्मी के चलते पावर डिमांड 8439 मेगावाट पहुंची, बीएसईएस कंपनियों ने एआई तकनीक से संभाली रिकॉर्ड सप्लाई
Electricity Demand In Scroching Hot Weather: दिल्ली में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार नया रिकॉर्ड बना रही है। इस साल मई के शुरुआती 25 दिनों में बिजली की मांग अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर यानी एसएलडीसी के आंकड़ों के मुताबिक, 25 मई 2026 को दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,439 मेगावाट दर्ज की गई है। यह साल 2026 में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 21 मई को मांग 8,231 मेगावाट और 20 मई को 8,039 मेगावाट तक पहुंची थी। पिछले छह दिनों के भीतर दिल्ली में चार बार बिजली की मांग 8,000 मेगावाट के पार जा चुकी है। जबकि साल 2025 के पूरे मई महीने में मांग कभी 8,000 मेगावाट के पार नहीं गई थी। साल 2024 के मई महीने में यह अधिकतम 8,302 मेगावाट तक रिकॉर्ड की गई थी।
पिछली गर्मियों से बड़ी तुलना
इस साल एक मई से 25 मई के बीच दिल्ली में बिजली की मांग पिछले साल के मुकाबले 20 दिन अधिक रही है। यह कुल दिनों का लगभग 80 प्रतिशत बैठता है।
अप्रैल में भी टूटा रिकॉर्ड
इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को भी दिल्ली की बिजली मांग ने 7,000 मेगावाट का आंकड़ा पार किया था। तब दोपहर में मांग 7,078 मेगावाट दर्ज हुई थी।
9000 मेगावाट पार होने की उम्मीद
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए इस साल गर्मियों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। अनुमान है कि यह इस साल 9,000 मेगावाट को पार कर जाएगी।
डिस्कॉम कंपनियों की तैयारी
बीएसईएस की कंपनियों बीआरपीएल और बीवाईपीएल ने क्रमशः 3,745 मेगावाट और 1,820 मेगावाट की इस भारी मांग को अपने इलाकों में सफलतापूर्वक पूरा किया है।
ग्रीन पावर का बड़ा रोल
इस बार मांग को पूरा करने में 2,670 मेगावाट ग्रीन पावर अहम भूमिका निभाएगी। इसमें सोलर पावर से 840 मेगावाट और हाइड्रो से 572 मेगावाट बिजली मिलेगी।
एआई तकनीक से निगरानी
बीएसईएस बिजली की सटीक मांग का अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है।
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