Nikki Bhati Case Greater Noida: इन दिनों देश भर में दहेज हत्या को लेकर चर्चा का विषय लगातार जारी है। खासतौर से हालिया ट्वीशा केस के बाद से यह बहस एक बार फिर गरमा गई है। कुछ ऐसा ही साल 2025 में भी देखने को मिला था। जब 21 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में चर्चित निक्की भाटी का गंभीर मामला सामने आया था। इस घटना में निक्की भाटी नामक महिला की जलने से दर्दनाक मौत हो गई थी। उसके मायके पक्ष के परिजनों ने इसे दहेज हत्या करार दिया था। परिजनों ने निक्की के पति और पूरे ससुराल वालों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। अब लगभग एक साल बाद इस पूरे सनसनीखेज मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस केस में अब अदालत से कानूनी न्याय की जगह दोनों परिवारों के बीच आपसी सुलह अपनाने की राह सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि पंचायत की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच एक बड़ा समझौता हो गया है। इसके तहत निक्की भाटी की सगी बहन कंचन अब अपने ससुराल वापस लौटेगी। इसके साथ ही निक्की के मासूम बच्चों के नाम पूरी संपत्ति हस्तांतरित की जाएगी।
क्या है इस पूरे घटनाक्रम की कहानी
दरअसल ग्रेटर नोएडा के रूपवास गांव में रहने वाले भिखारी सिंह की दो बेटियों की शादी साल 2016 में सिरसा गांव के सतवीर भाटी के दो बेटों के साथ हुई थी। इन बेटियों के नाम निक्की और कंचन हैं। इस शादी में निक्की का विवाह विपिन के साथ और कंचन का विवाह रोहित के साथ हुआ था।
शादी में दिया था भारी दान-दहेज
पिता भिखारी सिंह ने अपनी दोनों बेटियों की शादी में जमकर खर्च किया था। उन्होंने सोने-चांदी के गहने, स्कॉर्पियो कार और बुलेट मोटरसाइकिल समेत अन्य भारी दान-दहेज देकर दोनों बेटियों को विदा किया था। इसके बाद विपिन की पत्नी निक्की भाटी की अचानक जलने से मौत हो गई थी।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारियां
आग की लपटों के बीच घिरी निक्की का एक वीडियो भी सामने आया था, जिससे यह मामला सुर्खियों में छा गया था। मायके पक्ष के आरोप पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने पति विपिन भाटी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
जेल में बंद था पूरा ससुराल पक्ष
इसके अलावा ससुर सतवीर भाटी, जेठ रोहित भाटी और निक्की की सास को भी गिरफ्तार किया गया था। इस चर्चित केस के बाद दोनों परिवार बुरी तरह बिखर गए थे। घटना के बाद निक्की की बहन कंचन भी अपने मायके वापस लौट गई थी और निक्की के बच्चे बिना मां के अकेले रह गए थे।
समझौते की शर्तों पर लगी अंतिम मुहर
विवाद को सुलझाने के लिए आरोपी ससुर सतवीर भाटी और पीड़ित पक्ष भिखारी सिंह के बीच पंचायत बुलाई गई। कई दौर की वार्ता में तय हुआ कि दूसरी बेटी कंचन अपने पति और बच्चों के साथ ससुराल में वापस लौटेगी। भाटी परिवार निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति करने के साथ ही आर्थिक सहयोग भी देगा। निक्की के पिता भिखारी सिंह ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखकर पंचायत ने यह फैसला लिया है। कंचन अपने ससुराल में अब हंसी-खुशी रहेगी।
अदालत की सहमति के बाद ही खत्म होगा केस
बताया गया है कि समझौते की शर्तें पूरी होने के बाद पिता की ओर से कोर्ट में एक शपथ पत्र दाखिल किया जाएगा। इस एफिडेविट के जरिए वे दर्ज कराया गया केस वापस लेने की मांग अदालत से करेंगे। अदालत की ओर से अंतिम सहमति मिलने के बाद यह पूरा कानूनी केस हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।