
नोएडा मजदूर हिंसा का कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद तमिलनाडु से गिरफ्तार
नोएडा पुलिस और एसटीएफ ने 1 लाख के इनामी आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपी पर मजदूरों को हिंसा के लिए भड़काने का है मुख्य आरोप।
Noida Labourers Unrest : नोएडा में पिछले दिनों हुए मजदूरों के उग्र विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के मामले में गौतमबुद्ध नगर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार को पुलिस ने इस पूरी साजिश के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह घटना के बाद से ही अपनी पहचान छिपाकर सुदूर दक्षिण भारत में फरार चल रहा था।
तमिलनाडु से गिरफ्तारी और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
आदित्य आनंद की तलाश में जुटी पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही थीं। सटीक सूचना के आधार पर, नोएडा पुलिस और एसटीएफ ने एक संयुक्त अभियान चलाया और उसे तिरुचिरापल्ली में दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन डिजिटल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस उस तक पहुँचने में सफल रही।
हिंसा और उकसावे की गतिविधियों का मुख्य साजिशकर्ता
पुलिस जांच में सामने आया है कि आदित्य आनंद ही वह शख्स था जिसने मजदूर आंदोलन की आड़ में हिंसा भड़काने की साजिश रची थी। उस पर आरोप है कि उसने धरने और प्रदर्शनों के दौरान मजदूरों को भड़काऊ गतिविधियों के लिए उकसाया, जिसके कारण नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और उपद्रव हुआ। इस हिंसा ने जिले की औद्योगिक शांति को बुरी तरह प्रभावित किया था।
अदालत ने जारी किया था गैर-जमानती वारंट
आरोपी के खिलाफ नोएडा के फेज-2 थाने में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होने के बाद, स्थानीय अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया था। पुलिस प्रशासन ने उसकी अपराध की गंभीरता को देखते हुए 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिससे उस पर दबाव बना रहे।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि आदित्य आनंद की गिरफ्तारी के बाद अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है। पुलिस उससे सघन पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हिंसा के पीछे किन अन्य लोगों या समूहों का हाथ था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक शांति को बाधित करने वाले और मजदूरों को गुमराह कर हिंसा कराने वाले किसी भी चेहरे को बख्शा नहीं जाएगा।
Next Story

