पिकनिक या फ्लोर टेस्ट? नो-नेटवर्क ज़ोन में उमर अब्दुल्ला की बस पॉलिटिक्स
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पिकनिक या फ्लोर टेस्ट? 'नो-नेटवर्क ज़ोन' में उमर अब्दुल्ला की बस पॉलिटिक्स

जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला सभी विधायकों-मंत्रियों को लेकर पहुंचे दाचीगाम नेशनल पार्क; पार्टी में बगावत और राज्य का दर्जा न मिलने पर 'सीक्रेट मंथन'।


Jammu Kashmir Politics: राजनीति में जो दिखता है, वो अक्सर होता नहीं है और सियासत में कोई भी दौरा महज 'पिकनिक' नहीं होता। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी पार्टी (नेशनल कॉन्फ्रेंस) के सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को अचानक राजधानी श्रीनगर से करीब 22 किलोमीटर दूर दाचीगाम नेशनल पार्क के एक 'नो-नेटवर्क ज़ोन' में ले गए हैं।


बुधवार सुबह जैसे ही पार्टी के विधायक और सांसद गुपकार रोड स्थित मुख्यमंत्री के निजी कार्यालय पहुंचे, उन्हें बिना कोई जानकारी दिए वहां पहले से तैयार खड़ी बसों में सवार कर दिया गया। खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बस की पिछली सीट पर बैठे नजर आए और उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर तस्वीरें शेयर करते हुए इसे अपनी 19 महीने पुरानी सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए एक 'ऑफ-साइट' बैठक करार दिया।

लेकिन इस खुशनुमा तस्वीर के पीछे नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर सुलग रही बगावत और केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ता भारी असंतोष है।




उमर के सबसे बड़े आलोचक सांसद आगा रुहुल्लाह को नहीं मिला न्योता; बोले- 'माफी मांगें और इस्तीफा दें'

अक्टूबर 2024 में सरकार गठन के बाद से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं में इस बात को लेकर गहरी निराशा है कि उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर को 'पूर्ण राज्य का दर्जा' दिलाने और राजनीतिक अधिकार वापस पाने के अपने एजेंडे पर पूरी तरह नाकाम रहे हैं।

अपनों ने ही खोला मोर्चा: उमर अब्दुल्ला के सबसे तीखे आलोचक और उनकी ही पार्टी के श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्लाह ने मुख्यमंत्री पर सीधे जनादेश से गद्दारी करने का आरोप लगाया है। रुहुल्लाह ने खुलेआम उमर अब्दुल्ला से "माफी मांगने और इस्तीफा देने" को कहा है।

यात्रा से रखा दूर: इस अंदरूनी कलह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुहुल्लाह को इस बेहद अहम दौरे और बैठक से पूरी तरह बाहर रखा गया। रुहुल्लाह ने मीडिया से पुष्टि करते हुए कहा, "मुझे इस बैठक के लिए कोई आमंत्रण नहीं मिला है।"

विपक्ष का दावा: नेशनल कॉन्फ्रेंस में हो सकता है बड़ा विस्फोट; बीजेपी ने कहा- 'यह उमर का फ्लोर टेस्ट है'
यह सीक्रेट मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल भाजपा और पीडीपी लगातार यह दावे कर रहे हैं कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर कभी भी बड़ा विस्फोट हो सकता है और सरकार गिर सकती है।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने इस पूरे दौरे पर तंज कसते हुए इसे उमर अब्दुल्ला का 'फ्लोर टेस्ट' करार दिया है। शर्मा ने कहा कि उमर यह चेक करने गए हैं कि उनके विधायक अभी भी उनके साथ वफादार हैं या नहीं।

'पटवारी तक के ट्रांसफर का अधिकार नहीं' बेबसी और 'रीसेट बटन' दबाने की तैयारी
पार्टी के भीतर के सूत्रों का कहना है कि उमर अब्दुल्ला केंद्र सरकार द्वारा बार-बार राज्य का दर्जा बहाल करने के खोखले वादों और आश्वासनों से पूरी तरह निराश हो चुके हैं। बस यात्रा में शामिल नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक ने सरकार की लाचारी बयां करते हुए कहा:

"केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को एक 'कठपुतली' बनाकर रख दिया है। हमारी सरकार के पास एक 'पटवारी' तक को ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं है। राजस्व विभाग हमारे पास है, लेकिन व्यावहारिक रूप से हम बेबस हैं।"

विधायक के मुताबिक, दाचीगाम की इस गुप्त बैठक का मकसद राजनीति में 'रीसेट बटन' दबाना है। उन्होंने साफ किया कि अब चीजें सामान्य ढर्रे पर नहीं चल सकतीं, और पार्टी को अपना खोया हुआ राजनीतिक एजेंडा हर हाल में वापस पाना होगा।


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