सिद्धार्थनगर हादसा: रील बनाने के चक्कर में बच्चे की मौत, 2 को किया एयरलिफ्ट
x

सिद्धार्थनगर हादसा: रील बनाने के चक्कर में बच्चे की मौत, 2 को किया एयरलिफ्ट

यूपी के सिद्धार्थनगर में जर्जर टंकी की सीढ़ी गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत। टंकी पर फंसे दो बच्चों को वायु सेना के हेलीकॉप्टर ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।


Reel Took Life : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ काशीराम आवास क्षेत्र के पास एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी की सीढ़ी अचानक ढह गई। इस हादसे में 10 वर्षीय सिद्धार्थ की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि पांच बच्चे सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए इस प्रतिबंधित टंकी पर चढ़े थे।


सीढ़ी टूटने से मची चीख-पुकार
स्थानीय पार्षद सतीश रस्तोगी के अनुसार यह पानी की टंकी करीब 30 साल पुरानी है और इसे पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। शनिवार को जब पांचों बच्चे नीचे उतर रहे थे, तभी जर्जर सीढ़ी भरभरा कर गिर गई। इस कारण गोलू (12), सनी (14) और सिद्धार्थ (10) नीचे गिर गए। अस्पताल पहुँचते ही सिद्धार्थ को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य दो की हालत नाजुक बनी हुई है।

पूरी रात टंकी पर फंसे रहे दो बच्चे
हादसे के बाद दो बच्चे, पवन (14) और शाबान (12), टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर ही फंस गए। नीचे की सीढ़ी पूरी तरह टूट चुकी थी, जिससे उन तक पहुँचना नामुमकिन हो गया था। प्रशासन ने रात भर वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन तेज बारिश और टंकी के चारों ओर जलजराव के कारण भारी मशीनें वहां तक नहीं पहुँच सकीं।

IAF के हेलीकॉप्टर ने किया सफल रेस्क्यू
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर गोरखपुर से भारतीय वायु सेना (IAF) का हेलीकॉप्टर मंगवाया गया। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे वायु सेना के जवानों ने महज 15 मिनट के भीतर दोनों फंसे हुए बच्चों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर भेजा गया।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की कार्रवाई
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त के साथ समन्वय कर यह हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि जमीन दलदली होने के कारण क्रेन या अन्य मशीनों का उपयोग संभव नहीं था। आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमों ने रात भर मौके पर रहकर बच्चों का हौसला बढ़ाया और सुबह उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।

पुरानी इमारतों पर प्रशासन की सख्ती
इस घटना ने जर्जर इमारतों और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि टंकी असुरक्षित घोषित थी और वहां जाना प्रतिबंधित था। अब ऐसी अन्य जर्जर संरचनाओं को लेकर सख्ती बरती जा सकती है ताकि भविष्य में बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसी खतरनाक जगहों पर रील बनाने न पहुँचें।

(हेडलाइन को छोड़कर, इस स्टोरी को द फेडरल स्टाफ ने एडिट नहीं किया है और यह सिंडिकेटेड फ़ीड से ऑटो-पब्लिश की गई है।)



Read More
Next Story