बीजेपी सीक्रेट सर्वे में फेल, दिल्ली में 4 महीने का वर्क फ्रॉम होम!
रात 2 बजे पीएम मोदी से विनय कटियार की बात; अखिलेश बोले- दम है तो सितंबर में कराओ यूपी चुनाव, दिल्ली में दफ्तरों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम नियम लागू।
Rajpath: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में मचे भयंकर घमासान, दिल्ली की जनता पर पड़ने वाले प्रदूषण के नए बोझ से लेकर भाजपा की नींद उड़ाने वाले एक सीक्रेट इंटरनल सर्वे की इनसाइड स्टोरी के साथ 'द फेडरल देश' का खास शो 'राजपथ' हाजिर है। आज एंकर प्रदीप सहगल देश की राजनीति को हिला देने वाली तीन बड़ी खबरों का पूरा विश्लेषण करेंगे।
1. दिल्ली में हर साल 4 महीने रहेगा 'वर्क फ्रॉम होम', पार्किंग फीस होगी दोगुनी!
देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद कड़ा और स्थाई कदम उठाया है। अब दिल्ली में हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक के लिए प्रदूषण के कड़े नियम स्थाई (Permanent) कर दिए गए हैं।
नए नियमों के तहत जनता पर क्या पड़ेगा असर?
दफ्तरों में 50% स्टाफ: इन 4 महीनों के दौरान दिल्ली के सभी निजी और सरकारी दफ्तरों में केवल 50% स्टाफ ही दफ्तर आकर काम करेगा, यानी बाकी कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य होगा।
पार्किंग फीस दोगुनी: सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करने के नाम पर अधिकृत पार्किंग की फीस को सीधे दोगुना कर दिया गया है।
बुनियादी ढांचा फेल, जनता पर बोझ
सरकार के इस फैसले पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। दिल्ली सरकार का खुद का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और करोड़ों की लागत से लगे स्मॉग टावर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। प्रदूषण का कोई परमानेंट इलाज ढूंढने के बजाय सरकार ने सारा आर्थिक और मानसिक बोझ आम जनता की जेब और उनकी दिनचर्या पर डाल दिया है।
2. "दम है तो सितंबर में करा लो चुनाव" - अखिलेश यादव का बीजेपी पर मनोवैज्ञानिक वार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा संग्राम अयोध्या राम मंदिर में हुए चढ़ावे की चोरी के मामले पर छिड़ा हुआ है। इस संवेदनशील मुद्दे पर चौतरफा घिरी भारतीय जनता पार्टी को और ज्यादा बैकफुट पर धकेलने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पूरी तरह फ्रंटफुट पर आ गए हैं।
अखिलेश यादव ने कमजोर और रक्षात्मक दिख रही योगी सरकार और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को हिलाने के लिए एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक दांव खेला है। उन्होंने बीजेपी को खुली और सीधी चुनौती देते हुए कहा है:
"अगर सत्तापक्ष में दम है और उन्हें अपनी नीतियों पर इतना ही भरोसा है, तो 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव इसी साल सितंबर में ही करा लें!" — अखिलेश यादव, प्रमुख, सपा
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, अखिलेश यादव का यह बयान केवल एक सियासी बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी के मनोबल को तोड़ने और जनता के बीच सरकार की कमजोरी को उजागर करने की एक सोची-समझी रणनीतिक चाल है।
3. विनय कटियार का दावा: 'रात 2 बजे पीएम मोदी से हुई बात', बीजेपी के सीक्रेट सर्वे ने उड़ाए होश!
अयोध्या के चढ़ावा चोरी कांड की इनसाइड स्टोरी ने संघ परिवार और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के भीतर एक बड़ा भूकंप ला दिया है। बीजेपी के फायरब्रांड नेता विनय कटियार ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि राम मंदिर में बहुत बड़ा वित्तीय गबन हुआ है। कटियार के मुताबिक, इस राष्ट्रीय मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए रात के ठीक 2:00 बजे उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर सीधी बात हुई है।
सीक्रेट इंटरनल सर्वे में बीजेपी को बड़ा झटका
इस पूरे विवाद और चंदा चोरी के आरोपों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी के एक सीक्रेट इंटरनल सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है, जिसने आलाकमान की नींद उड़ा दी है। इस गोपनीय सर्वे के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
सर्वे के मुताबिक, अगर उत्तर प्रदेश में आज की तारीख में विधानसभा चुनाव करा दिए जाएं, तो बीजेपी बहुमत के आंकड़े से बहुत दूर चली जाएगी।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से बीजेपी सिर्फ 180 सीटों पर सिमटती हुई नजर आ रही है।
चंपत राय के इस्तीफे की असली वजह
यूपी की इस संभावित करारी हार और इसके कारण केंद्र सरकार की स्थिरता पर आने वाले सीधे खतरे के डर से ही चंपत राय का तुरंत इस्तीफा लिया गया है, ताकि डैमेज को कंट्रोल किया जा सके। फिलहाल, इस पूरे महा-घोटाले और चढ़ावा चोरी कांड की गहन जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।
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