ज्ञानेश कुमार पर SC की नजर: EC से मांगा रिकॉर्ड, पूछा—Form-6 किसने बदला?
x

ज्ञानेश कुमार पर SC की नजर: EC से मांगा रिकॉर्ड, पूछा—Form-6 किसने बदला?

CEC ज्ञानेश कुमार के तत्काल निलंबन का आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इनकार किया है। कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला SIR से जुड़े उन फैसलों से संबंधित है, जिनके बारे में आरोप है कि CEC ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद उन्हें लागू किया।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।

याचिकाकर्ता का आरोप क्या है?
याचिकाकर्ता का आरोप है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन इसके बावजूद उन फैसलों को चुनाव आयोग के नाम से लागू किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने 2023 के कानून की धारा 18 का हवाला दिया। इसके मुताबिक, चुनाव आयोग को जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से फैसला लेना चाहिए और मतभेद की स्थिति में निर्णय बहुमत से होना चाहिए।

सिंह ने CEC को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—पहले तथ्य सामने आने दीजिए

कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर CEC को निलंबित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि पहले चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों का जवाब तथा आधिकारिक रिकॉर्ड देखना जरूरी है।

CEC को निलंबित करने की मांग पर बेंच ने सवाल किया—अगर ऐसा किया गया तो चुनाव कौन कराएगा? इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि बाकी दो चुनाव आयुक्त जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

अदालत ने कहा कि कानून में प्रक्रिया स्पष्ट है और उसके पालन की अपेक्षा की जाती है। अगर रिकॉर्ड से किसी फैसले में कानूनी उल्लंघन सामने आता है, तो अदालत उस फैसले को पलट सकती है।

Form-6 पर CJI की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान संशोधित Form-6 का मुद्दा भी उठा। इस पर CJI सूर्यकांत ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी संशोधित Form-6 को मंजूरी नहीं दी है।

CJI ने कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद अदालत यह भी देखना चाहेगी कि Form-6 में बदलाव किसने किया।

यह टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि चुनाव आयोग ने इससे पहले नए Form-6 declaration को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बिहार SIR से जुड़े फैसले का हवाला दिया था।

चुनाव आयोग का पक्ष क्या है?

विवाद के बीच चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और अधिकारियों के बीच हुआ पत्राचार तथा दिए गए सुझाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थे।

अब पूरा मामला आधिकारिक रिकॉर्ड पर टिक गया है। सुप्रीम कोर्ट यह देखेगा कि विवादित फैसले वास्तव में आयोग

Read More
Next Story