दिल्ली में खंभे से मौत, IAS दिव्या का इस्तीफा और छात्र आंदोलन का सच!
जंतर-मंतर पर 15 साल की लड़की का नया वीडियो वायरल, CJP का 5 सितंबर से आंदोलन का ऐलान। दिव्या मित्तल के इस्तीफे और दिल्ली में करंट से मौत पर बड़ा खुलासा।
Rajpath: द फ़ेडरल देश के विशेष शो राजपथ में एंकर प्रदीप सहगल ने देश के तीन प्रमुख और ज्वलंत मुद्दों का विस्तृत विश्लेषण किया है। इस एपिसोड में जहां एक तरफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बाद एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के सामने आए नए वीडियो और सीजेपी (CJP) द्वारा 5 सितंबर से आंदोलन के दूसरे चरण के ऐलान पर चर्चा की गई, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे और महाराष्ट्र के एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे की मिलावटखोरों पर कार्रवाई के बाद उपजे प्रशासनिक संकट का विश्लेषण हुआ। इसके अलावा, राजधानी दिल्ली के सूरजमल विहार में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं की घोर लापरवाही के चलते बिजली के खंभे से करंट लगने से हुई एक युवक की दर्दनाक मौत पर ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए गए।
1. जंतर-मंतर छात्र आंदोलन और 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची का विवादित वीडियो
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान 15 वर्षीय नाबालिग लड़की द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और उसके बाद मांगी गई माफी के बाद अब एक नया 39 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में नाबालिग लड़की ने अपनी जिंदगी के कठिन हालात और सोशल मीडिया पर हो रही लगातार ट्रोलिंग का जिक्र किया है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल के बाद माहौल गरमा गया था।
CJP का ऐलान: सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ताओं (सौरव दास और आशुतोष रांका) ने आरोप लगाया है कि सरकार ने आंदोलन समाप्त कराने के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। CJP ने 5 सितंबर से पुनः देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
प्रशासनिक सवाल: क्या एक गलती के बाद माफी मांग चुकी नाबालिग लड़की के खिलाफ सोशल मीडिया पर हो रही प्रताड़ना को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? यह घटना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
2. प्रशासनिक व्यवस्था में दो अफसरों का संघर्ष: दिव्या मित्तल और तुकाराम मुंढे
देश की प्रशासनिक व्यवस्था (Bureaucracy) में ईमानदारी और सख्त फैसलों की कीमत चुका रहे दो प्रमुख आईएएस/वरिष्ठ अधिकारियों के मामले सामने आए हैं:
आईएएस दिव्या मित्तल (उत्तर प्रदेश): आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) से शिक्षित और मिर्जापुर व बस्ती में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने लगातार मिल रही साइडलाइन पोस्टिंग और प्रशासनिक दबावों के कारण पद से इस्तीफा दे दिया है।
तुकाराम मुंढे (महाराष्ट्र FDA कमिश्नर): महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 3 महीने के भीतर मिलावटखोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए 1,100 से अधिक छापे मारे और 165 लाइसेंस रद्द किए। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट से मिले झटकों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के तरीकों पर कानूनी सवाल उठे हैं।
बड़ा सवाल: यदि कड़े फैसले लेने वाले और पारदर्शी काम करने वाले अधिकारियों को साइडलाइन पोस्टिंग या कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ता है, तो इससे प्रशासनिक तंत्र में 'रिस्क न लेने' की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।
3. दिल्ली के सूरजमल विहार में दर्दनाक हादसा: बिजली के खंभे से करंट लगने से युवक की मौत
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके सूरजमल विहार में नागरिक सुविधाओं की घोर लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ।
घटनाक्रम: संदीप सिंह नाम का एक युवक पैदल सड़क पार कर रहा था। डिवाइडर के पास सड़क पर बने खुले गड्ढे में पैर फिसलने के कारण उसने खुद को संभालने के लिए पास लगे बिजली के खंभे का सहारा लिया। खंभे में दौड़ रहे खुले करंट की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
ग्राउंड रिपोर्ट: द फ़ेडरल देश के संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की और PWD तथा BSES जैसी जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यशैली का जायजा लिया।
सिस्टम की लापरवाही: इससे पहले जनकपुरी इलाके में भी खुले गड्ढे के कारण एक बाइक सवार की जान चली गई थी। बार-बार की चेतावनियों के बावजूद बुनियादी ढांचे में सुधार न होना civic एजेंसियों की आपराधिक लापरवाही को दर्शाता है।
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