
मेरठ नीला ड्रम केस - मुस्कान, साहिल को फांसी की सजा
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में प्रेम संबंधों, हत्या की खौफनाक साजिश और शव को सीमेंट में छिपाने की वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में आज, बुधवार को बड़ा फैसला आने वाला है। मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सजा सुनाने से पहले मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। इससे पहले बुधवार सुबह 10.30 बजे भी जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए उनका पक्ष जाना। जज ने मुस्कान से पूछा- तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? उसने जवाब दिया- मेरी बेटी छोटी है, उसका ख्याल रखा जाए। फिर वह खामोश हो गई। इसके बाद साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह भी चुप रहा।
30 सितंबर को दोषी करार, आज सजा का ऐलान
अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था। हालांकि, सजा निर्धारित करने के लिए दोनों को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया। मामले में 126 सुनवाई की तारीखें पड़ीं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल लोकेशन, पोस्टमार्टम और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना मामला पेश किया।
कैसे हुई थी सौरभ की हत्या?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे थे। तीन मार्च को मुस्कान ने सौरभ को नशीली दवा दी। इसके बाद साहिल के साथ मिलकर चाकू से उनकी हत्या कर दी। दोनों ने शव के टुकड़े करके उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा और सीमेंट से सील कर दिया।
वारदात के अगले दिन मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए। इस दौरान सौरभ के मोबाइल से परिवार को संदेश भेजकर उनके जीवित होने का भ्रम पैदा किया गया। 17 मार्च को पुलिस ने घर से ड्रम बरामद किया और हत्याकांड का खुलासा हुआ।
किन सबूतों से साबित हुआ अपराध?
सुनवाई के दौरान उन दुकानदारों की गवाही भी हुई, जिनसे ड्रम, चाकू, सीमेंट और अन्य सामान खरीदा गया था। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन से भी अभियोजन पक्ष के दावों को समर्थन मिला। बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर सवाल उठाए, लेकिन अदालत ने दोनों को दोषी पाया।
सौरभ के परिवार को फांसी से कम मंजूर नहीं
सौरभ की मां रेणु राजपूत और भाई ने दोनों दोषियों को फांसी देने की मांग की है। वहीं, सजा के फैसले से पहले मुस्कान ने अपनी सात वर्षीय बेटी से मिलने की इच्छा जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह पिछले कई दिनों से बेटी से मुलाकात का अनुरोध कर रही है।

