थप्पड़ कांड से लेकर एक्सप्रेसवे की बदहाली तक; मेरठ, मुंबई और ई-20 पेट्रोल का सच
मेरठ थप्पड़ कांड, मुंबई एक्सप्रेसवे लैंडस्लाइड और ई-20 पेट्रोल विवाद पर 'राजपथ' शो में एंकर प्रदीप सहगल ने व्यवस्था और सरकार से पूछे चुभते सवाल।
Rajpath: 'द फ़ेडरल देश' के राजनीतिक शो 'राजपथ' में आज देश की तीन सबसे बड़ी और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोरने वाली खबरों पर विस्तृत चर्चा की गई। शो के एंकर प्रदीप सहगल ने अपने खास अंदाज में उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सनसनीखेज थप्पड़ कांड, महाराष्ट्र में करोड़ों की लागत से बने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की पहली बारिश में खुली पोल और देश के भविष्य के ईंधन कहे जाने वाले ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार के बड़े कबूलनामे पर तीखा और विश्लेषनात्मक प्रहार किया। प्रदीप सहगल ने इन तीनों ही मामलों में सीधे तौर पर सिस्टम की जवाबदेही और आम जनता के अधिकारों को लेकर तीखे सवाल दागे।
मेरठ थप्पड़ कांड: खाकी की तानाशाही पर उठाए सवाल
शो की पहली बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मेरठ से रही, जहां कानून-व्यवस्था का एक ऐसा रूप सामने आया जिसने लोकशाही को शर्मसार कर दिया। दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बाद कलेक्ट्रेट पर इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे पीड़ित समाज के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं। हद तो तब हो गई जब मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय कैमरे के सामने सरेआम प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ जड़ते और पुलिस वैन के अंदर घुसकर पीटते नजर आए। एंकर प्रदीप सहगल ने इस पर तीखा विश्लेषण करते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी पीड़ित परिवार और समाज के लोगों को हिरासत में लेकर थप्पड़ मारना पुलिस की मजबूरी है या फिर अपने रुतबे का सरेआम गलत इस्तेमाल? इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा मानवाधिकार आयोग में की गई शिकायत पर भी चर्चा की गई।
मुंबई एक्सप्रेसवे लैंडस्लाइड: 7 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट की खुली पोल
बुलेटिन की दूसरी बड़ी खबर महाराष्ट्र से रही, जहां लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की लागत और सात देशों की आधुनिक तकनीक से बने मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक एक्सप्रेसवे की पहली ही तेज बारिश ने हवा निकाल दी। भारी भूस्खलन के कारण हजारों लोग करीब 18 घंटे तक भयंकर जाम में फंसे रहे। शो में एंकर ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि जब जनता ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, तो उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने जवाब देने के बजाय आलोचना करने वालों को विधानसभा में 'भाड़े के टट्टू' कह डाला। सहगल ने साफ शब्दों में कहा कि यह सड़क जनता के टैक्स के पैसे से बनी है, इसलिए लोकतंत्र में जवाबदेही कोई एहसान नहीं बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है।
ई-20 पेट्रोल विवाद: विपक्ष के दबाव में सरकार ने कबूला सच
शो के आखिरी हिस्से में देश के हर आम और मध्यमवर्गीय नागरिक की जेब से जुड़ी बड़ी खबर का विश्लेषण किया गया। बड़े-बड़े दावों के साथ देश में भविष्य के ईंधन के रूप में पेश किए गए ई-20 पेट्रोल (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पर आखिरकार सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है। एंकर प्रदीप सहगल ने बताया कि विपक्ष की चौतरफा घेराबंदी के बाद केंद्रीय तेल मंत्रालय को दबे शब्दों में यह कबूल करना पड़ा है कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। शो में कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल के बयानों का हवाला देते हुए सरकार की 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली नीति पर प्रहार किया गया, जिसमें पर्यावरण बचाने के नाम पर पेट्रोल के दाम कम करने के बजाय आम आदमी पर कम माइलेज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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