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नीट पर बॉलीवुड का गुस्सा, बिहार में तेजस्वी की गैरहाजिरी पर घमासान!

पेपर लीक पर अरिजीत-सलमान समेत कई सितारे आए छात्रों के समर्थन में; उधर मानसून सत्र से गायब तेजस्वी को लेकर बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष का तीखा हमला।


Rajpath: देश में जारी सुलगते मुद्दों और राजनीतिक सरगर्मी ने इन दिनों पूरे देश का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ नीट (NEET) परीक्षा लीक मामले को लेकर देशभर के युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है, तो वहीं इस पर अब बॉलीवुड सितारों की एंट्री से एक नया मोड़ आ गया है। दूसरी तरफ, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नदारद रहने को लेकर सदन में जबरदस्त बवाल मचा है। साथ ही उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अखिलेश यादव के नए सियासी समीकरणों की चर्चा भी जोरों पर है। 'द फ़ेडरल देश' के विशेष शो 'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल ने इन तमाम मुद्दों की परतें खोलीं।


1. NEET पेपर लीक मामला: बॉलीवुड का टूटा मौन, अरिजीत सिंह से सलमान खान तक का फूटा गुस्सा
नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों छात्रों के समर्थन में अब बॉलीवुड हस्तियाँ भी खुलकर सामने आ गई हैं।

अरिजीत सिंह का कड़ा रुख: मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने पर तीखा रोष व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर नेताओं से सवाल किया कि क्या उन्होंने खुद को भगवान समझ लिया है? एक फैन द्वारा ट्रोल किए जाने पर उन्होंने बेबाकी से दो टूक जवाब दिया कि उनकी प्लेलिस्ट डिलीट कर दी जाए, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

सलमान खान और नोरा फतेही: सुपरस्टार सलमान खान ने भी सवाल उठाया कि दिन-रात मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। वहीं, नोरा फतेही ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी परीक्षा के नतीजों से ज्यादा कीमती है।

सड़कों पर उतरे सितारे: शबाना आजमी, स्वरा भास्कर और हुमा कुरैशी जैसे कलाकार सीधे जंतर-मंतर पहुँचकर छात्रों के बीच शामिल हुए। इसके अलावा आलिया भट्ट, राजकुमार राव, नसीरुद्दीन शाह और अनुराग कश्यप ने भी इस पर अपनी आवाज बुलंद की है।

मौन कलाकारों पर सवाल: रिपोर्ट में उन 'महानायकों' और अभिनेताओं पर भी करारा कटाक्ष किया गया है जो विज्ञापनों, फिल्मों के प्रमोशन या राष्ट्रवाद की बातें करने के वक्त सबसे आगे रहते हैं, लेकिन छात्रों के भविष्य दांव पर लगने पर चुप्पी साध लेते हैं।

2. बिहार विधानसभा में हंगामा: "लालू के लाल" तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी पर बवाल
बिहार की राजनीति में मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के गायब रहने को लेकर सत्ता पक्ष ने बड़ा हमला बोला है।

सदन में उठा सवाल: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन के पटल से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष आखिर कहाँ हैं? क्या वे किसी अस्पताल में हैं या विदेश में, इसकी जानकारी सदन को होनी चाहिए।

आरजेडी का बचाव: आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने इसका जवाब देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा, लेकिन तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे और उनकी गैर-जिम्मेदाराना राजनीति को लेकर सत्ता पक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।

चुनावी सरगर्मी: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव और आगामी राजनीतिक उठापटक के बीच आरजेडी के युवराज के मैदान से नदारद रहने को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएँ गर्म हैं।

3. यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव का नया 'PDA' फॉर्मूला और कांग्रेस से सीटों की रार
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़े बदलाव करने शुरू कर दिए हैं।

MY समीकरण से आगे निकलकर 'PDA' पर दांव: पारंपरिक रूप से 'मुस्लिम-यादव' (MY) समीकरण पर टिकने वाली समाजवादी पार्टी अब दलित चेहरों को आगे बढ़ाने की जुगत में है। खबर है कि लगभग 46 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन में 20 से 25 सामान्य सीटों पर दलित चेहरों को उतारने की तैयारी है।

पार्टी में नो-एंट्री (सिफारिशें खारिज): अखिलेश यादव इस बार पूरी तरह सख्त नजर आ रहे हैं। साफ कर दिया गया है कि सिफारिशों की कोई जगह नहीं होगी; जो बूथ पर पसीना बहाएगा और सर्वे में पास होगा, टिकट उसी को मिलेगा।

कांग्रेस के साथ सीटों की खींचतान: अंदरखाने कांग्रेस पार्टी यूपी में सीधे 200 सीटों की माँग को लेकर अड़ी हुई है, जबकि समाजवादी पार्टी एक भी सीट छोड़ने के मूड में नहीं दिखती। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह नया राजनीतिक समीकरण बीजेपी के विजय रथ को रोक पाता है या नहीं।


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