काशी से केरल तक NEET पर बवाल, राम मंदिर चोरी में नई SIT को योगी की हरी झंडी
BHU से पटना तक सड़कों पर छात्र; बर्गर खाने पर CJP प्रवक्ता विजेता दहिया बर्खास्त; राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SC के निर्देश पर योगी सरकार सख्त।
Rajpth: देश भर में युवाओं का आक्रोश और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठते सवाल इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। 'द फ़ेडरल देश' के खास शो 'राजपथ' में वरिष्ठ पत्रकार और एंकर प्रदीप सहगल ने इन तमाम बड़े मुद्दों पर एक विस्तृत और विश्लेषणात्मक रिपोर्ट पेश की।
1. काशी से केरल तक बवाल: NEET पेपर लीक पर आर-पार की जंग
जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी जनाक्रोश में बदल चुका है। NEET पेपर लीक और धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं पर कई शहरों में पुलिस ने बल प्रयोग किया है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। देश भर के अलग-अलग हिस्सों से लगातार विरोध प्रदर्शनों की खबरें आ रही हैं:
वाराणसी (BHU): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए हैं। जो छात्र कल तक कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे, वे अब सरकार और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हजारों की संख्या में छात्रों ने सचिवालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई।
पटना: बिहार की राजधानी पटना में नीट अभ्यर्थियों और युवाओं का महा-सैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। प्रदर्शनकारियों को तीतर-बीतर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
विपक्ष का आक्रामक रुख और गिरफ्तारियां
नीट पेपर लीक मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब छात्रों के समर्थन में सड़क पर धरने पर बैठे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में विपक्ष का प्रदर्शन और उग्र हो गया है:
लखनऊ: लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया।
भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक सीधे मुख्यमंत्री के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए।
केरल (त्रिशूर): दक्षिण भारत के राज्य केरल के त्रिशूर में SFI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला, जहां पुलिस को वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
देशभर के छात्रों और विपक्षी दलों का एक ही सवाल है कि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के बाद क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार है?
2. 'बर्गर विवाद' में घिरी नई-नवेली CJP, प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दहिया
छात्रों के आंदोलन के बीच राजनीति का एक दिलचस्प और विवादित पहलू भी सामने आया है। हाल ही में बनी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया एक बड़े विवाद में फंस गए हैं।
जब सड़कों पर प्रदर्शनकारी छात्र पुलिस की लाठियां खा रहे थे, उस दौरान CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया एक आउटलेट में बर्गर खाते हुए पाए गए। विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई दी कि उन्हें भूख लगी थी, इसलिए वे खाने चले गए।
पार्टी की कार्रवाई और दहिया का रुख
CJP ने इस आचरण को आंदोलन की भावना और सांगठनिक मूल्यों के खिलाफ मानते हुए विजेता दहिया को आनन-फानन में प्रवक्ता पद और सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया।
हालांकि, पद से हटाए जाने के बाद भी विजेता दहिया ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए सवाल उठाया कि जब वे सिर्फ खाना खाने गए थे, तो इस्तीफा क्यों दें? इस पूरे वाकये के बाद CJP की कार्यशैली और नैतिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
3. राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद योगी सरकार सख्त
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी के मामले ने देशभर के श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार तुरंत एक्शन मोड में आई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और नई SIT का गठन
Chief Justice सूर्यकांत की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व में चल रही जांच को लीपापोती करार दिया और निर्देश दिया कि पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जाए।
IAS अफसरों की छुट्टी: पूर्व में जांच संभाल रहे प्रशासनिक अधिकारियों (IAS) को जांच से हटा दिया गया है।
IPS अधिकारियों के हाथ में कमान: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब DIG और SSP स्तर के दो वरिष्ठ और तेज़-तर्रार IPS अधिकारी नई SIT (विशेष जांच दल) की अगुवाई करेंगे।
27 जुलाई: उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट में नए IPS अधिकारियों के नामों की सूची जमा करनी है।
30 जुलाई: नई SIT को पूरे मामले की जांच पूरी कर अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी।
संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर भारी हंगामे के आसार हैं। दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट की भी एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें ट्रस्ट में नए CEO की तैनाती, खाली पदों को भरने और चढ़ावे की चोरी से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर फैसला लिया जाएगा।
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