"लोकतंत्र हाईजैक हो चुका है": पुलिस को चकमा दे राहुल-प्रियंका का धरना!
चुनाव आयोग जा रहे INDIA ब्लॉक के 300 सांसदों को पुलिस ने रोका। अखिलेश यादव हिरासत में। पुलिस को चकमा दे आकाशवाणी भवन में राहुल-प्रियंका का धरना।
Zamini Hakikat: राजधानी दिल्ली का संसद मार्ग आज एक बड़े सियासी संग्राम का गवाह बना। चुनाव आयोग (निर्वाचन सदन) के खिलाफ प्रदर्शन करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करने निकले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के करीब 300 सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक लिया। 'द फ़ेडरल देश' के खास शो 'ज़मीनी हकीकत' की इस विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए कि कैसे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया और अखिलेश यादव की हिरासत के बीच कैसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने एक नाटकीय घटनाक्रम में धरने की कमान संभाल ली।
राहुल गांधी का मास्टरस्ट्रोक: पुलिस को चकमा देकर आकाशवाणी भवन में धरना
जब संसद मार्ग पर तमाम विपक्षी सांसदों को पुलिस बसों में भरकर हिरासत में ले रही थी, तभी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथ में तिरंगा लिए तेजी से आकाशवाणी भवन के एक गेट से अंदर दाखिल हो गए। आकाशवाणी भवन निर्वाचन सदन से बमुश्किल 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। पुलिस ने आनन-फानन में दूसरा गेट बंद कर दिया, जिसके बाद राहुल और प्रियंका कांग्रेस नेताओं (चरणजीत सिंह चन्नी और दीपेंद्र हुड्डा) के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में ही एक पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
पेड़ के नीचे धरने पर बैठे राहुल गांधी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी के गंभीर आरोप: "यह देशद्रोह है, कोई नहीं बचेगा"
राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश के 300 चुने हुए प्रतिनिधि (लोकसभा और राज्यसभा सांसद) शांतिपूर्ण तरीके से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया।
राहुल गांधी ने बेहद सख्त लहजे में आरोप लगाते हुए कहा:
"अगर देश के चुने हुए प्रतिनिधियों को इलेक्शन कमीशन से नहीं मिलने दिया जाएगा, तो फिर लोकतंत्र का क्या मतलब है? ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं।"
"नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी करके देश को हाईजैक किया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है।"
"हमारे देश के साथ जो किया गया है, वह 'देशद्रोह' (Treason) है। मैं सोच-समझकर कह रहा हूँ, इनमें से एक भी व्यक्ति बचकर नहीं जाएगा, सारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।"
जब उनसे पूछा कि बीजेपी उन्हें झूठा बता रही है, तो राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें बीजेपी की बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे यहां हिंदुस्तान के लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे केवल पलटवार नहीं कर रहे हैं, बल्कि राजनीतिक रूप से उन्हें "खत्म (destroy)" करने जा रहे हैं।
संसद मार्ग बना छावनी: अखिलेश यादव समेत कई सांसद हिरासत में
इससे पहले, संसद भवन से बाहर निकलकर निर्वाचन सदन की ओर मार्च कर रहे सांसदों को रोकने के लिए पुलिस ने संसद मार्ग, पटेल चौक और महादेव रोड पर दो-स्तरीय (Two-tier) बैरिकेडिंग कर रखी थी। भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती थी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, संभल से सांसद बर्क़ और धर्मेंद्र यादव सहित कई नेता लाल और काली टोपियों में तख्तियां लिए विरोध प्रदर्शन करते दिखे। पुलिस ने इन सभी को बैरिकेड्स के पास ही रोक लिया और एक-एक कर बसों में भरकर हिरासत में ले लिया। सांसदों की मुख्य मांग यही थी कि चुनाव में कथित धांधली ('वोट चोरी') को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
AAP की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
इस पूरे विरोध प्रदर्शन में 'इंडिया' गठबंधन का एक प्रमुख दल 'आम आदमी पार्टी' (AAP) नदारद दिखा। जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी से आम आदमी पार्टी के शामिल न होने को लेकर सवाल किया गया (कि क्या यह पंजाब चुनाव की रणनीति है?), तो उन्होंने जवाब टालते हुए कहा, "इसका जवाब तो उन्हें (AAP को) ही पता होगा।" चरणजीत सिंह चन्नी ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और दोबारा चुनाव कराने की मांग दोहराई।
'ज़मीनी हकीकत' की रिपोर्ट यह साफ़ दर्शाती है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष अब आर-पार के मूड में है। भारी पुलिस बंदोबस्त और साथी सांसदों की हिरासत के बावजूद, राहुल गांधी का आकाशवाणी भवन के अंदर जाकर मोर्चा संभालना और प्रधानमंत्री सहित चुनाव आयोग पर 'देशद्रोह' जैसे गंभीर आरोप लगाना, यह बताता है कि आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और भी उग्र होने वाला है। दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारी फिलहाल मौके पर मौजूद हैं और इस गतिरोध को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं।
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