ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का कानूनी दांव अटका, याचिका में 14 खामियां!
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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का कानूनी दांव 'अटका', याचिका में 14 खामियां!

राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कई महत्वपूर्ण फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए।


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं को शुरुआती झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने उनकी संयुक्त याचिका में 14 तकनीकी खामियां पाई हैं। इसके चलते मंगलवार को याचिका पर सुनवाई नहीं होगी। विपक्ष के वकीलों ने खामियां दूर कर बुधवार को सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया है।

याचिका में क्या खामियां मिलीं?
रजिस्ट्री ने बताया कि नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं लगाए गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की फोटोकॉपी भी स्पष्ट नहीं है। कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी है। कुछ जरूरी दस्तावेज और संबंधित फैसलों की प्रतियां भी अधूरी हैं।

रजिस्ट्री ने यह सवाल भी उठाया कि जनहित याचिका में चुनाव आयोग के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी क्यों बनाया गया है। ये प्रक्रियागत आपत्तियां हैं। अदालत ने अभी याचिका के आरोपों पर कोई फैसला नहीं दिया है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या आरोप?
राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कई महत्वपूर्ण फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए।

याचिका में उन रिपोर्टों का हवाला दिया गया है, जिनके मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दस महीनों में 14 मौकों पर फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं।

विपक्ष ने संबंधित बैठकों के रिकॉर्ड, फाइलें और आपत्तियां अदालत में पेश कराने तथा स्वतंत्र, समयबद्ध जांच की मांग की है। जांच पूरी होने तक SIR प्रक्रिया रोकने का अनुरोध भी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद याचिका
सोमवार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन ने दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' निकाला था। प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर मार्च रोक दिया।

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने राहुल गांधी और खड़गे से मुलाकात करने में असमर्थता जताई थी। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपनी बात रखने का विकल्प बताया था।

अब आगे क्या होगा?
विपक्ष की कानूनी टीम को रजिस्ट्री की आपत्तियां दूर करनी होंगी। इसके बाद ही याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो सकेगी। फिलहाल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की कानूनी लड़ाई प्रक्रियागत अड़चन में फंस गई है।

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