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'राजपथ': लखनऊ में सड़कों पर उतरीं छात्राएं, पंजाब में SIR और बिहार शराबबंदी

लखनऊ में 250 छात्राओं का चक्काजाम, पंजाब में SIR संशोधन से 20 लाख वोट कटे और बिहार में शराबबंदी पर NCAER रिपोर्ट के बाद बढ़ा सियासी घमासान।


Rajpath: उत्तर प्रदेश की राजधानी से लेकर पंजाब की चुनावी चौसर और बिहार के प्रशासनिक गलियारों तक— इस समय तीन बड़े घटनाक्रमों ने देश की राजनीति में हलचल मचा रखी है। लखनऊ में सर्वोदय बालिका विद्यालय की 250 छात्राएं शिक्षकों की कमी को लेकर भारी बारिश के बीच सड़कों पर उतर आईं। उधर, पंजाब में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत 20 लाख वोट कटने से 75 विधानसभा सीटों के समीकरण बदल गए हैं। वहीं, बिहार में आबकारी राजस्व के 14% नुकसान का हवाला देने वाली NCAER की रिपोर्ट ने शराबबंदी पर नई बहस छेड़ दी है।


डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के विशेष शो 'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल इन तीनों प्रमुख मुद्दों का विस्तार से विश्लेषण किया है।

1. लखनऊ में 'जेन-अल्फा' का गदर: शिक्षकों की मांग पर 250 छात्राओं का चक्काजाम
लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राएं शनिवार को शिक्षकों की कमी के विरोध में सड़कों पर उतर आईं।

एक साल से शिक्षक नदारद: स्कूल में साल भर से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के स्थाई शिक्षक ही नहीं हैं। इंटरनेट न होने से ऑनलाइन पढ़ाई भी ठप है और सिर पर बोर्ड परीक्षाएं हैं।

8 किमी पदयात्रा और चक्काजाम: महीनों तक सुनवाई न होने पर छात्राओं ने लखनऊ के मुख्य मार्ग पर 3 किमी लंबा जाम लगाया। पुलिस के रोकने पर वे सीधे DM आवास की तरफ 8 किमी तक हाईवे पर दौड़ पड़ीं।

बैकफुट पर अफसरशाही: पुलिस और प्रशासनिक अमले के हाँफने के बाद एसीपी, एडीसीपी और समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को खुद मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन देना पड़ा।

दावों की खुली पोल: इस घटना ने योगी सरकार के 'मिशन शक्ति', 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'स्मार्ट शिक्षा' के विज्ञापनों व दावों की पोल खोलकर रख दी है।

2. पंजाब में SIR संशोधन का झटका: 20 लाख वोट गायब, 75 सीटों के गणित बिगड़े
पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) ड्राफ्ट लिस्ट ने सभी राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है।

17,500 वोट प्रति सीट सफाचैट: राज्य भर में 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। औसतन हर सीट से 17,500 वोट साफ हुए हैं।

वोट कटने की मुख्य वजहें: प्रवासी मजदूरों का गृह राज्यों में नाम दर्ज कराना, बड़ी संख्या में युवाओं का विदेश (NRI) शिफ्ट होना और डुप्लीकेट वोटर्स का हटना।

सत्ताधारी 'आप' की बढ़ी टेंशन: सबसे ज्यादा असर 6 बड़े जिलों की 52 सीटों पर पड़ा है, जिनमें से 39 सीटें 2022 में आम आदमी पार्टी ने जीती थीं। 35 कम-मार्जिन वाली सीटों पर हार-जीत का अंतर कटने वाले वोटों से बहुत कम था, जिससे सियासी समीकरण पूरी तरह पलट सकते हैं।

3. क्या बिहार में खत्म होगी शराबबंदी? NCAER रिपोर्ट से JDU भड़का, BJP मौन
बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी पर 'नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च' (NCAER) की रिपोर्ट ने सियासी भूचाल ला दिया है।

रिपोर्ट के 3 कड़वे सच: शराबबंदी से राज्य को 14% आबकारी राजस्व का स्थायी नुकसान हुआ है। घरेलू हिंसा के मामलों में कोई बड़ी कमी नहीं आई और तस्करी रोकने में सरकारी खजाने का भारी पैसा बह रहा है।

JDU आक्रामक, लीगल नोटिस की चेतावनी: नीतीश कुमार की पार्टी ने रिपोर्ट को 'बकवास' बताते हुए संस्था को लीगल नोटिस भेजने का ऐलान किया है। जेडीयू का कहना है कि शराबबंदी उनका नैतिक संकल्प है।

BJP का धर्मसंकट: जेडीयू के कड़े रुख के बीच बीजेपी चुप है। बीजेपी को डर है कि शराबबंदी हटाने की बात की तो नीतीश नाराज होकर गठबंधन तोड़ सकते हैं और पार्टी का सबसे मजबूत 'महिला वोट बैंक' भी छिटक सकता है।

सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस कानून को असंवैधानिक ठहराकर रद्द कर देता है, तो सरकार बिना किसी राजनीतिक नुकसान के इस कानून से सम्मानजनक एक्जिट ले सकती है।


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