x

चंपत राय की चेतावनी और भूपेंद्र यादव के दफ्तर में बड़ा एक्शन

राम मंदिर चंदा चोरी पर चंपत राय की बड़ी चेतावनी। भूपेंद्र यादव ने स्टाफ को हटाया। गुरुग्राम में NH-48 धंसा।


राजपथ : द फ़ेडरल देश के शो राजपथ में एंकर प्रदीप सहगल के साथ आज बात अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले की, जिसने देश की राजनीति में एक नया और भीषण भूचाल ला दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होते ही उनके तेवर अब पूरी तरह बदल गए हैं। चंपत राय ने सोशल मीडिया पर बकायदा एक चिट्ठी जारी कर श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों के जरिए अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने दबे शब्दों में ही सही, लेकिन सरकार और रसूखदारों को एक बहुत बड़ी और खुली चेतावनी दे डाली है। चंपत राय ने सवाल उठाया है कि विशेष जांच दल (SIT) की 'परम गोपनीय' शुरुआती रिपोर्ट आखिर बाहर कैसे लीक हो गई? राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज है कि चंपत राय ने साफ संकेत दे दिया है कि अगर आंच उन तक आई, तो वे कई बड़े चेहरों को भी साथ लेकर डूबेंगे। इस विस्फोटक स्थिति के बीच, दिल्ली के सत्ता गलियारों में भी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के एक फैसले ने नौकरशाही से लेकर राजनीति तक सबको चौंका दिया है। मंत्री ने एक ही झटके में अपने चारों निजी सचिवों (PS) को पद से हटा दिया है, जिसने भ्रष्टाचार और अंदरूनी कलह की अटकलों को हवा दे दी है।


चंपत राय की सीनाजोरी: 'SIT की फाइनल रिपोर्ट आने दीजिए, फिर दूँगा जवाब'
चंदा चोरी के आरोपों से घिरे चंपत राय अब पूरी तरह से आक्रामक और रक्षात्मक मुद्रा में आ गए हैं।

मौन के पीछे छिपा राज: वरिष्ठ पत्रकार नितिन यादव का कहना है कि चंपत राय का यह मौन दरअसल एक बहुत बड़ी सियासी धमकी है।

मगरमच्छों पर आंच: चंपत राय ने साफ कर दिया है कि वे अभी शांत हैं, लेकिन फाइनल रिपोर्ट आते ही वे सारे दुष्प्रचार का सिलसिलेवार जवाब देंगे।

ताज खतरे में: राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जांच का चक्र अगर घूमा तो अयोध्या से लेकर दिल्ली तक बैठे कई रसूखदारों के ताज खतरे में पड़ जाएंगे।

भूपेंद्र यादव के पर्सनल स्टाफ पर गिरी गाज, विपक्ष ने पूछा- 'क्या बिना आग के धुआं उठता है?'
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में हुए इस अप्रत्याशित और बड़े फेरबदल ने पूरी दिल्ली को हैरान कर दिया है।

एक साथ चार विदाई: किसी भी मंत्री के कार्यालय में समय-समय पर बदलाव सामान्य है, लेकिन पूरे पर्सनल स्टाफ को एक साथ हटाना बेहद असामान्य है।

वरिष्ठ पत्रकार का दावा: वरिष्ठ पत्रकार संतोष पाठक के मुताबिक, बिना हवा के पत्ता नहीं हिलता। इस कार्रवाई के पीछे व्यवस्थागत दाग या कामकाज की बड़ी नाराजगी हो सकती है।

जयराम रमेश का तीखा तंज: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर 'चंदा दो, धंधा लो' का जिक्र करते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला है।

पारदर्शिता पर सवाल: कांग्रेस ने मांग की है कि मोदी सरकार इस सख्त कार्रवाई की असली वजह तुरंत देश के सामने सार्वजनिक करे।

'मिलेनियर सिटी' गुरुग्राम बना जल-ग्राम, पहली ही बारिश में धंस गया दिल्ली-जयपुर हाईवे
मध्य प्रदेश और दिल्ली के सियासी घमासान के बाद अब बात करते हैं साइबर सिटी गुरुग्राम की, जहां मॉनसून की पहली बारिश ने विकास के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।

ऊंची दुकान, फीका पकवान: सिंगापुर और शंघाई को टक्कर देने वाले गुरुग्राम की चमचमाती सड़कों पर इस वक्त दो-दो फीट पानी भरा हुआ है।

10 किमी लंबा जाम: सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-जयपुर NH-48 का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे वाहनों का चक्का पूरी तरह थम गया।

प्रशासन का अजीब फरमान: जलभराव रोकने में नाकाम रहे पुलिस प्रशासन ने अब आईटी कंपनियों से अपने कर्मचारियों को 'WORK FROM HOME' देने की अपील की है।

करोड़ों रुपये का टैक्स भरने वाले टेक-इंजीनियर्स अब तंज कसते हुए दफ्तर जाने के लिए गाड़ियाँ छोड़ नाव खरीदने की बात कर रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर हर साल अफसरों के पास आने वाला करोड़ों का बजट कहाँ गायब हो जाता है?


Read More
Next Story