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E20 पर केजरीवाल का मार्च रुका, बांकीपुर में PK जीते, UP सदन में घमासान

'द फ़ेडरल देश' के शो 'राजपथ' में प्रदीप सहगल का विश्लेषण। जानिए E20 पर AAP के प्रदर्शन, बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत और UP विधानसभा हंगामे का पूरा सच।


Rajpath: सत्ता के गलियारों से लेकर ज़मीन की चौपालों तक, देश की राजनीति की हर बड़ी करवट का विश्लेषण लेकर हाज़िर है 'द फ़ेडरल देश' का विशेष कार्यक्रम 'राजपथ'। एंकर प्रदीप सहगल की इस विशेष रिपोर्ट में आज देश की राजनीति के तीन ऐसे प्रमुख घटनाक्रमों की पड़ताल की जा रही है, जिन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के खेमों में हलचल तेज़ कर दी है।


राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) के खिलाफ आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन हो, बिहार के बांकीपुर में प्रशांत किशोर द्वारा 30 साल पुराना भाजपा दुर्ग ढहाना हो, या फिर यूपी विधानसभा के भीतर राम मंदिर चढ़ावे पर अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच तीखी जुबानी जंग - इन तीनों मुद्दों ने देश के राजनीतिक पारे को चरम पर पहुँचा दिया है।

1. दिल्ली में E20 फ्यूल पर AAP का हल्लाबोल: फ़िरोज़शाह रोड पर रुका मार्च
एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक मार्च निकालने का प्रयास किया।

सड़क पर शीर्ष नेतृत्व: AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता 7 लोक कल्याण मार्ग की ओर बढ़े।

2.30 लाख याचिकाओं का दावा
: 'आप' नेताओं के अनुसार, वाहनों के इंजन में खराबी और माइलेज में गिरावट को लेकर देशभर से 2 लाख 30 हजार चालकों के हस्ताक्षर वाली याचिकाएं जुटाई गई हैं।

फ़िरोज़शाह रोड पर बैरिकेडिंग: दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों को फ़िरोज़शाह रोड पर रोक दिया। आगे जाने की अनुमति न मिलने पर केजरीवाल वरिष्ठ नेताओं के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

"ट्रम्प के दबाव में फैसला": अरविंद केजरीवाल ने सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी कृषि लॉबी के दबाव में एथेनॉल आयात कर देशवासियों पर थोप रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि E20 नीति वापस नहीं ली गई तो यह आंदोलन NEET विवाद से भी बड़ा रूप लेगा।

2. बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर का धमाका, BJP का 30 साल पुराना किला ध्वस्त
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणामों ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' पार्टी ने भाजपा के इस अभेद्य शहरी गढ़ में सेंध लगा दी है।

3 दशकों का वर्चस्व खत्म: बांकीपुर सीट पिछले 30 वर्षों से भाजपा का मजबूत दुर्ग मानी जाती थी। जन सुराज के प्रत्याशी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला है।

संगठनात्मक सवाल: इस हार के बाद भाजपा के भीतर स्थानीय कैडर और चुनाव प्रबंधन की रणनीतियों पर सवाल उठने लगे हैं।

2027 के UP चुनाव से जुड़ाव: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों का मानना है कि भाजपा का कैडर बेस और शहरी वोटबैंक खिसक रहा है, जिसका सीधा असर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।

3. UP विधानसभा में गर्माया राम मंदिर मुद्दा: अखिलेश का हमला, केशव का पलटवार
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे और निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर सदन में भारी हंगामा हुआ।

अखिलेश यादव के आरोप: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे के पारदर्शी हिसाब की मांग करते हुए सरकार को घेरा।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य का तंज: सपा प्रमुख के हमलों पर उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा प्रहार करते हुए कहा:

"सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें 72 छेद।"

सदन में हंगामा: केशव मौर्य ने कहा कि जिनके शासनकाल में भ्रष्टाचार के गंभीर दाग रहे, वे आज सनातन आस्था और पावन राम मंदिर पर सवाल उठा रहे हैं। इस तीखी झड़प के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

'राजपथ' टेक
राजनीति में कोई भी घटना अलग-थलग नहीं होती। दिल्ली में E20 का विरोध जहाँ आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता वर्ग से जोड़ने की कोशिश है, वहीं बांकीपुर में जन सुराज की जीत यह दर्शाती है कि पारंपरिक वोटबैंक के बीच भी तीसरे विकल्प की गुंजाइश बन रही है। उधर यूपी में राम मंदिर पर जारी खींचतान 2027 के भावी ध्रुवीकरण का पूर्वाभ्यास है। 'राजपथ' पर इन सभी सियासी चालों का विश्लेषण जारी रहेगा।


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