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'राजपथ': सतीश महाना का वीडियो वायरल, UP स्कूल और दिल्ली जलभराव पर बवाल

'राजपथ' में एंकर आयुषी का विश्लेषण: राष्ट्रगान विवाद में घिरे UP विस अध्यक्ष सतीश महाना, जर्जर स्कूलों पर योगी सरकार से सवाल और दिल्ली में जलभराव।


Rajpath: उत्तर प्रदेश की राजनीति से लेकर दिल्ली की सड़कों तक प्रशासनिक दावों और जन-प्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल उठ रहे हैं। डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के खास शो 'राजपथ' में एंकर आयुषी ने तीन प्रमुख राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।


1. यूपी में सरकारी स्कूल बने सियासी अखाड़ा: 10 साल बाद भी जर्जर भवनों पर जवाबदेही कब?
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाल इमारतें, टूटी छतें और बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दल इसे लेकर सरकार को घेर रहे हैं।

सीएम योगी का पलटवार:

23 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि स्कूलों की बदहाली पिछली सरकारों की देन है। उनकी सरकार जर्जर भवनों को बदल रही है और अब 14 दिन में परीक्षा व 14 दिन में परिणाम जारी किए जा रहे हैं।

10 साल के शासन पर सवाल:

शो 'राजपथ' में एंकर आयुषी ने सवाल उठाया कि राज्य में भाजपा सरकार को एक दशक हो चुका है। ऐसे में 10 साल बीत जाने के बाद भी हर कमी का ठीकरा पुरानी सरकारों पर फोड़ना कहां तक तर्कसंगत है?

आप का सनसनीखेज आरोप:

आप सांसद संजय सिंह ने जौनपुर में 5 प्राथमिक स्कूलों के 'चोरी' होने का सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि कागजों में स्कूल, बच्चे और शिक्षक चल रहे हैं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं है। उन्होंने इन स्कूलों को खोजकर दिखाने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।

2. "दूसरों को दी नसीहत, खुद मियाँ फजीहत": सतीश महाना के वायरल वीडियो पर सियासी संग्राम
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष और भाजपा नेता सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। वायरल वीडियो उन्नाव के पूरन नगर स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज का है, जहां वे प्रधानाचार्य परिषद के अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।

क्या है विवाद?

वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के तुरंत बाद जब राष्ट्रगान बज रहा था, तब सतीश महाना तिरंगे को सलामी देने के बाद राष्ट्रगान को बीच में ही छोड़कर सीढ़ियों से नीचे उतर गए। इस दौरान समर्थक उनके पैर छूने लगे और वे कार में बैठकर रवाना हो गए।

विपक्ष का हमला:

यूपी कांग्रेस कमिटी के प्रभारी अधिवक्ता राजेंद्र पाल और कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से सवाल उठाया गया कि देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा क्या अपने नेताओं पर कार्रवाई करेगी? कांग्रेस ने इसे राष्ट्रगान का अपमान करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।

महाना और आयोजकों की सफाई:

सतीश महाना ने सफाई देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर के समय राष्ट्रगान नहीं बजाया जाता। वे उस स्थान पर मौजूद नहीं थे जहां मुख्य रूप से राष्ट्रगान बज रहा था। कार्यक्रम आयोजकों का भी कहना था कि राष्ट्रगान थोड़ी दूरी पर आयोजित दूसरे कार्यक्रम में बज रहा था।

3. दिल्ली में मूसलाधार बारिश से ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त, जलभराव से थमी रफ्तार
सोमवार को राजधानी दिल्ली में हुई भारी बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद कुछ ही घंटों की बारिश में दिल्ली की प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए।

दावे बनाम हकीकत:

मानसून से पहले दिल्ली सरकार द्वारा 45 संवेदनशील स्थानों की पहचान, 179 CCTV कैमरों से निगरानी और 24x7 मानसून कंट्रोल रूम के दावे किए गए थे। लेकिन बारिश होते ही गाड़ियां रेंगने लगीं और कई जगहों पर सड़क और नाले का अंतर खत्म हो गया।

स्थायी समाधान की मांग:

जनता को मॉनिटरिंग रूम और आंकड़ों की नहीं, बल्कि जलभराव से मुक्त सुरक्षित सड़कों की जरूरत है। हर बार भारी बारिश को 'असाधारण घटना' बताकर जिम्मेदारी से बचने पर मानसून की तैयारियों पर होने वाला खर्च सवालों के घेरे में आता है।


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