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UP में BJP के सर्वे से हड़कंप, बिहार के मंत्री पर SC सख्त और केजरीवाल का हमला

द फ़ेडरल देश के शो 'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल ने यूपी में बीजेपी के आंतरिक सर्वे, बिहार मंत्री दीपक प्रकाश पर सुप्रीम कोर्ट के रुख और केजरीवाल के बयानों का विश्लेषण किया है।


Rajpath: उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार की राजनीति और केंद्र के सियासी गलियारों में हलचल तेज़ है। एक तरफ उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के कथित आंतरिक सर्वे के आंकड़ों ने पार्टी की नींद उड़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ बिहार में बिना चुनाव जीते मंत्री पद पर जमे उपेंद्र कुशवाहा के बेटे पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के शो 'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल ने इन तीनों बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का इन-डेप्थ विश्लेषण पेश किया है।


1. यूपी में बीजेपी के आंतरिक सर्वे ने बढ़ाई चिंता: 52 से 67 सीटों का नुकसान संभव!
'राजपथ' के इस एपिसोड में एंकर प्रदीप सहगल ने उत्तर प्रदेश बीजेपी के एक कथित इंटरनल सर्वे का कच्चा-चिट्ठा खोला। सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, अगर आज चुनाव होते हैं तो राज्य में सत्ताधारी बीजेपी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है:

सीटों का आंकड़ा: रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी को 52 से 67 सीटों का सीधा नुकसान हो सकता है, जिससे बीजेपी 190 से 205 सीटों के आसपास सिमट सकती है। यह आंकड़ा बहुमत की दहलीज (202 सीट) के बेहद करीब या उससे नीचे है।

जनता की नाराजगी का कारण: सर्वे में सामने आया है कि स्थानीय विधायकों के प्रति एंटी-इंकमबेंसी, यूजीसी नियमों पर विवाद, नीट पेपर लीक, टी20 एथनॉल नीति, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और थाना-तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार से जनता में भारी असंतोष है।

35% विधायकों के टिकट काटने की सलाह: स्थिति से निपटने के लिए सर्वे में 30% से 35% मौजूदा विधायकों के टिकट काटने का सुझाव दिया गया है।

'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल ने सवाल उठाया कि क्या चेहरा बदलना ही सत्ता में वापसी की गारंटी है? 2022 में भी पार्टी ने कई चेहरे बदले थे, फिर भी सीटें 312 से घटकर 255 पर आ गई थीं। इसके अलावा, एक तरफ संगठन सर्वे करा रहा है तो दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ अपने स्तर पर अलग से फीडबैक जुटा रहे हैं।

2. बिहार के 'बिना सदन' वाले मंत्री पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा: दीपक प्रकाश की कुर्सी पर संकट
'राजपथ' में दूसरा बड़ा खुलासा बिहार की राजनीति से जुड़ा है। बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश बिना किसी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) का सदस्य बने मंत्री पद का लुत्फ उठा रहे हैं।

पूरा खेल और क्रोनोलॉजी:
संविधान का नियम: संविधान के तहत कोई भी गैर-निर्वाचित व्यक्ति अधिकतम 6 महीने ही मंत्री पद पर रह सकता है।

दुरुपयोग का आरोप: दीपक प्रकाश 20 नवंबर 2025 को पहली बार मंत्री बने। 6 महीने की मियाद (20 मई 2026) पूरी होने से ठीक पहले 15 अप्रैल को सरकार गिर गई। इसके बाद 7 मई 2026 को नई सरकार बनते ही उन्होंने दोबारा शपथ ले ली और 6 महीने का 'टाइमर' फिर से रीसेट कर दिया।

सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए इसे संविधान के नियमों के साथ खिलवाड़ बताया है। 'राजपथ' में बताया गया कि अगली सुनवाई 4 अगस्त को है और 6 नवंबर 2026 से पहले अगर दीपक प्रकाश चुनाव नहीं जीतते, तो उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा।

3. केजरीवाल का PM मोदी पर बड़ा हमला: "चीन बना रहा कृत्रिम सूरज और मोदी जी बच्चों पर ठोक रहे FIR"
शो 'राजपथ' के तीसरे हिस्से में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा केंद्र सरकार पर बोले गए तीखे हमले का विश्लेषण किया गया। चौतरफा घिरी मोदी सरकार पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने चीन से भारत की तुलना की।

केजरीवाल ने कहा:

"एक तरफ हमारा पड़ोसी देश चीन 2030 तक 'आर्टिफिशियल सन' (कृत्रिम सूरज) बनाने की दिशा में काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री उन छोटे-छोटे बच्चों पर FIR दर्ज कराने में व्यस्त हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर या सड़कों पर आकर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग लिया या पीएम का मजाक उड़ा दिया। देश को एक दूरदर्शी और बड़ी सोच वाले नेतृत्व की जरूरत है।"

'राजपथ' में एंकर प्रदीप सहगल ने निष्पक्ष सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार वाकई बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाकर सिर्फ राजनीतिक शह-मात के खेल और 'वन नेशन वन इलेक्शन' में उलझी हुई है या विपक्ष भी सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने में जुटा है?


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