बिहार के बांकीपुर से लेकर राम मंदिर केस तक बड़ा विश्लेषण
'द फ़ेडरल देश' के विशेष बुलेटिन में एंकर ने खंगाली हकीकत, बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी की घेराबंदी, चंदा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट के हंटर और एम्स की रिपोर्ट पर चर्चा।
Rajpath: 'द फ़ेडरल देश' के चर्चित राजनीतिक कार्यक्रम 'राजपथ' में आज देश की तीन सबसे बड़ी और प्रशासनिक-राजनीतिक व्यवस्था को हिला देने वाली खबरों का तीखा विश्लेषण किया गया। शो के एंकर प्रदीप सहगल ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सामने खड़ी नई चुनौतियों, अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त कार्रवाई के बाद ट्रस्ट के नए पैंतरे और राजधानी के हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में एम्स (AIIMS) की सीलबंद फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद बदले कानूनी समीकरणों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर के चक्रव्यूह से बीजेपी में हलचल?
बुलेटिन की पहली बड़ी खबर बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से रही, जो सालों से भाजपा का अभेद्य किला मानी जाती रही है। एंकर प्रदीप सहगल ने विश्लेषण करते हुए सवाल उठाया कि पिछला चुनाव 50 हजार वोटों से जीतने वाली बीजेपी के हाथ-पैर इस उपचुनाव में क्यों फूले नजर आ रहे हैं? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर एनडीए के सूरमाओं की डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक और नीरज सिन्हा को जिताने के लिए मनोज तिवारी व पवन सिंह जैसे स्टार प्रचारकों की फौज उतारने पर सहगल ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सामने कोई पारंपरिक दल नहीं, बल्कि प्रशांत किशोर (PK) की 'जन सुराज' का नया चक्रव्यूह है, जिसने दिग्गजों की नींद उड़ा दी है।
राम मंदिर चंदा चोरी: अदालती हंटर के बाद ट्रस्ट को याद आई पारदर्शिता
शो की दूसरी बड़ी खबर राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी से जुड़ी रही। प्रदीप सहगल ने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का डंडा नहीं चला था और एसआईटी (SIT) ने गर्दन नहीं पकड़ी थी, तब तक ट्रस्ट के लोग सो रहे थे। लेकिन अब फजीहत होते देख ट्रस्ट ने नया पैंतरा चलते हुए हर महीने सोने-चांदी, विदेशी चंदे और आय-व्यय का पूरा ब्योरा आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन सार्वजनिक करने का ऐलान किया है। सहगल ने साफ कहा कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र और ट्रस्ट को नोटिस थमाने तथा 20 जुलाई तक सीलबंद लिफाफे में एसआईटी की रिपोर्ट मांगने के बाद ही सिस्टम की आंखें खुली हैं।
ट्विशा शर्मा केस: एम्स की रिपोर्ट से क्या फेल होगा सीबीआई का दांव?
बुलेटिन के आखिरी हिस्से में प्रदीप सहगल ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में दिल्ली एम्स से आई 11 पन्नों की सीलबंद फॉरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण किया। रिपोर्ट में मुख्य हथियार मानी जा रही जिम्नास्टिक बेल्ट पर ट्विशा के स्किन टिश्यू तो मिले हैं, लेकिन कोर्ट में यह साबित करना बड़ी चुनौती होगी कि गला आरोपी मां गिरिबाला और बेटे समर्थ ने ही घोंटा था। एंकर ने बताया कि मेडिकल एविडेंस और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का सीधा फायदा आरोपियों को मिल सकता है। वहीं, आरोपियों के वकील द्वारा वॉयस सैंपल के लिए हमेशा तैयार रहने के दावे पर सहगल ने इसे 'चोर की दाढ़ी में तिनका' बताते हुए कहा कि सीबीआई की अंतिम चार्जशीट ही अब इस केस का असली रुख तय करेगी।
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