
'छात्र नहीं, राजनीति बचा रहे राहुल', धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर तीखा हमला
NEET और पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार सीधे मोर्चा संभालते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री का जवाब
कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि NEET समेत कई परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है।इसी बीच मंगलवार रात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
"राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं"
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार संसद के मानसून सत्र में NEET और छात्रों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से विपक्ष को इस संबंध में जानकारी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन का रास्ता चुना।
उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी और कांग्रेस संसद का मानसून सत्र बाधित करने के लिए छात्रों का "बेशर्मी से राजनीतिक इस्तेमाल" कर रहे हैं।
"सरकार चर्चा के लिए 100 फीसदी तैयार"
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार NEET और युवाओं की अन्य जायज मांगों पर सदन में चर्चा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीतिक नारों या टकराव की नहीं, बल्कि समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है।प्रधान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत के छात्र किसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनने से कहीं अधिक सम्मान और गंभीरता के हकदार हैं। सरकार छात्रों को जवाब, सुधार और जवाबदेही देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम आवास के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस का आरोप है कि हिरासत के दौरान राहुल गांधी के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे उनकी नाक पर चोट आई और खून बहने लगा।
राहुल गांधी बोले- लड़ाई जारी रहेगी
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, छात्रों के न्याय की लड़ाई रुकने वाली नहीं है।उन्होंने कहा,
"मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, लेकिन छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।"
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
हिरासत के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उन्हें मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी भी उनसे मिलने पहुंचीं।रिहा होने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष संसद में चर्चा चाहता था, लेकिन सरकार ने चर्चा का अवसर नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद में आवाज दबाई गई तो विपक्ष को सड़क पर उतरना पड़ा।
खरगे का आरोप- सरकार छात्रों से भाग रही
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सांसदों को घसीटकर हिरासत में लिया गया।खरगे ने दावा किया कि देश में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई छात्रों ने जान गंवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध को दबाने में लगी है।
शिक्षा के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक टकराव
NEET और पेपर लीक का मुद्दा अब केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद से लेकर सड़कों तक सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष बन चुका है। एक ओर सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के लिए न्याय की मांग पर अपने आंदोलन को और तेज करने की बात कह रहा है।

