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NEET विवाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों की जीत

NEET विवाद और जंतर-मंतर पर GenZ व विपक्ष के भारी प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, CJP ने जारी रखी दो अन्य मांगें।


Siyasat: देश भर में छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और विपक्षी दलों की एकजुटता के बीच मोदी सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। द फेडरल देश के खास शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और देश के कई राज्यों में बढ़ते जनाक्रोश के बाद शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया और अपना पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया।

इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में उल्लेख किया कि देश और जंतर-मंतर पर बनी मौजूदा स्थिति का लाभ राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठा सकें और छात्रों का भविष्य कानूनी अड़चनों में न उलझे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। हालांकि, माना जा रहा है कि नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) और देश भर में जारी 'GenZ' व छात्र संगठनों के व्यापक आंदोलन के चलते सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था।

जंतर-मंतर पर जश्न, दो अन्य मांगों पर अड़े छात्र

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पहुंचते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन जब तक उनकी दो मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन पूरी तरह शांत नहीं होगा:

मुआवजा: नीट पेपर लीक के तनाव में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।

कार्रवाई: 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

विपक्षी नेताओं ने बताया 'युवा शक्ति की जीत'

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और विपक्षी नेताओं ने इसे युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है:

प्रियंका गांधी वाड्रा (सांसद, वायनाड): उन्होंने इसे भारत की युवा शक्ति और लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि दमनकारी सरकार को आखिरकार जनता की आवाज के आगे झुकना पड़ा।

राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा): छात्रों को बधाई देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के भविष्य की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली पर लगातार हो रहे हमलों और बेरोजगारी के खिलाफ यह छात्रों का स्वतःस्फूर्त जनाक्रोश था।

अखिलेश यादव (अध्यक्ष, सपा): उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सड़कों पर युवाओं के आक्रोश ने विश्व की सबसे बड़ी पार्टी की सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।

भाजपा का पक्ष और सरकार से तीसरे दौर की वार्ता

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है और उनका इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही व ईमानदारी का सर्वोच्च उदाहरण है।

इस्तीफे के बाद, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता संपन्न हुई। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद बताया गया कि सरकार ने छात्र संगठन की अधिकांश मांगों पर सहमति जता दी है।

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