छात्र की गई आंख, राहुल की ललकार: क्या झुकेगी मोदी सरकार?
नीट-नेट पेपर लीक पर सरकार और CJP में दूसरे दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध कायम; राहुल गांधी ने पेलेट गन पीड़ित छात्र को सामने लाकर बढ़ाई सरकार की मुश्किलें।
Siyasat: नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) पेपर लीक के गंभीर आरोपों को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले जारी छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का 26 दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत आयोजित की गई। हालांकि, गतिरोध अभी भी बना हुआ है।
दूसरी ओर, मानसून सत्र के पांचवें दिन भी भारी हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर पेलेट गन के कथित इस्तेमाल का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। 'द फ़ेडरल देश' के शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की।
1. वार्ता का दूसरा दौर और शनिवार पर टिकी निगाहें
छात्र आंदोलन को समाप्त कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका से लगभग एक घंटे तक चर्चा की।
मुकदमों की वापसी पर रुख: वार्ता के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर (FIR) वापस लेने और परीक्षा धांधली के तनाव में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग पर गंभीरता से विचार कर रही है।
इस्तीफे पर अड़े छात्र: छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर कोई समझौता संभव नहीं है। इस प्रमुख मांग पर फैसले के लिए मंत्रियों ने शनिवार तक का समय मांगा है, जिसके बाद तीसरे दौर की वार्ता होगी।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि पुलिस का दमनकारी रुख बंद नहीं हुआ और शिक्षा मंत्री की विदाई नहीं हुई, तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।
नड्डा का बयान: मंत्री जे.पी. नड्डा ने मीडिया को बताया कि सीजेपी की तरफ से 3 मुख्य मांगे और 5 सुझाव मिले हैं, जिस पर सरकार के भीतर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय से शनिवार को अवगत कराया जाएगा।
2. पेलेट गन और शॉक बैटन के इस्तेमाल पर सियासी घमासान
संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी ने एक घायल छात्र साहिल को मीडिया के सामने लाकर सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि साहिल जब प्रदर्शन में हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर चल रहा था, तब उस पर पेलेट गन चलाई गई, जिससे उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।
द हिंदू का खुलासा: 20 जुलाई को 'द हिंदू' अखबार ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि जंतर-मंतर पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का प्रयोग किया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इसका खंडन किया था, लेकिन अब एक पत्रकार के भी पेलेट गन से गंभीर रूप से घायल होने की खबरें सामने आ रही हैं।
अत्याचार के आरोप: प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के अलावा शॉक बैटन के प्रयोग के भी आरोप लगे हैं। इससे पहले पेलेट गन का इस्तेमाल 2016 में जम्मू-कश्मीर, 2023 में मणिपुर और 2024 में हरियाणा के किसान आंदोलन के दौरान देखा गया था।
3. कानून में संशोधन और विश्वविद्यालयों का फरमान
एक ओर जहां सरकार संवाद का रास्ता अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2024 के एंटी-पेपर लीक कानून में कड़े संशोधनों को हरी झंडी दी गई है।
छात्रों व शिक्षकों पर सख्ती: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर अपने छात्रों व शिक्षकों को चेतावनी दी है कि वे जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन में शामिल न हों।
आपातकाल जैसा माहौल: आंदोलन के प्रभाव को दबाने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की जा रही हैं, कनॉट प्लेस में दुकानों व दफ्तरों को बंद कराया जा रहा है और निकटतम मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार बंद रखे गए हैं।
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