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जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन लोटस' की आहट! उमर अब्दुल्ला के दावे से मची सियासी रार

द फेडरल देश के शो 'सियासत' में बड़ा खुलासा; उमर अब्दुल्ला का आरोप- बीजेपी दे रही विधायकों को 30 करोड़ का लालच, बीजेपी ने दिया 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस।


Siyasat: देश की राजनीति में 'ऑपरेशन लोटस' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है, और इस बार इसका केंद्र बना है रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर। 'द फेडरल देश' के खास शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने घाटी की ठंडी पड़ चुकी राजनीति में आए इस नए उबाल का विस्तृत और गंभीर विश्लेषण किया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने देश के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।


उमर अब्दुल्ला का सनसनीखेज आरोप: 'कमरे में दी गई 30 करोड़ की पेशकश'

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि बीजेपी उनकी सरकार को अस्थिर करने और गिराने की साजिश रच रही है। उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील, जो बीजेपी के बड़े पदाधिकारी भी हैं, उन्होंने जम्मू संभाग के नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के एक विधायक को बंद कमरे में बड़ी पेशकश की। उमर के मुताबिक, विधायक को पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये, कैबिनेट मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का लालच दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।


बीजेपी का पलटवार: 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस

उमर अब्दुल्ला के इन आरोपों पर बीजेपी पूरी तरह भड़क गई है और उसने इन दावों को पूरी तरह आधारहीन, मनगढ़ंत और बकवास करार दिया है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतपाल शर्मा ने अपने कानूनी सलाहकार के जरिए मुख्यमंत्री को लीगल नोटिस थमा दिया है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि उमर अब्दुल्ला 7 दिनों के भीतर अपने आरोपों को लिखित रूप से वापस लें और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें। ऐसा न करने की सूरत में बीजेपी उन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ ₹100 करोड़ का सिविल मानहानि (Defamation Case) का दावा ठोकेगी। बीजेपी ने सवाल उठाया है कि अगर आरोप सच हैं, तो मुख्यमंत्री उस विधायक का नाम और कोई ऑडियो-वीडियो सबूत सामने क्यों नहीं ला रहे हैं?


जम्मू-कश्मीर विधानसभा का मौजूदा गणित

इस पूरे सियासी घमासान के बीच जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है:

  • नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC): 42 सीटें

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): 29 सीटें

  • कांग्रेस: 06 सीटें

  • पीडीपी (महबूबा मुफ्ती): 03 सीटें

  • निर्दलीय (Independents): 07 सीटें

  • अन्य (AAP, CPI-M, JPC): 1-1 सीट

वर्तमान में घाटी में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन की सरकार चल रही है, जिसके पास स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में विपक्ष का आरोप है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की तर्ज पर यहां भी लोकतंत्र की हत्या करने के लिए नंबर जुटाने का खेल पर्दे के पीछे चल रहा है।


20 जुलाई को दिल्ली में 'दंगल': राज्य के दर्जे पर आर-पार

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमर अब्दुल्ला के इस तीखे बयान के पीछे एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है। वे इस नैरेटिव के जरिए न केवल अपनी पार्टी के विधायकों और समर्थकों को एकजुट रखना चाहते हैं, बल्कि केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य (Statehood) का दर्जा देने के लिए दबाव भी बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि 20 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कराने की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह कई बार संसद में कह चुके हैं कि उचित समय आने पर राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म होने के महीनों बाद भी कदम न उठाए जाने से घाटी के दलों में नाराजगी साफ दिख रही है। अब 20 जुलाई का दिल्ली प्रदर्शन तय करेगा कि यह आंच राष्ट्रीय स्तर पर कितनी दूर तक जाती है।


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