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पेपर लीक पर पीएम का फास्ट ट्रैक दांव, विपक्ष ने घेरा; संसद ठप

द फ़ेडरल देश के शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार का विश्लेषण: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान के बाद भी संसद में गतिरोध कायम, विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा।


Siyasat: द फ़ेडरल देश के खास राजनीतिक शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार के विश्लेषण के मुताबिक, पेपर लीक के मुद्दे पर देश भर में जारी छात्रों के गुस्से और विपक्ष के कड़े तेवरों के बीच केंद्र सरकार दबाव में नजर आ रही है। मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में भारी गतिरोध कायम रहा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर यह भरोसा दिलाया कि युवाओं का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर विपक्ष के तीखे सवाल

प्रधानमंत्री के इस ऐलान को विपक्ष ने आड़े हाथों लिया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की मूल मांग पेपर लीक की जवाबदेही तय करना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाया कि पिछले 10 सालों में पेपर लीक के आरोपियों में से किसी को भी सजा नहीं मिली है, ऐसे में केवल कोर्ट के गठन से क्या बदलाव आएगा।

संसद में गतिरोध और नियमों की जंग

संसद के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं सदन के भीतर चर्चा के नियम को लेकर पेच फंसा हुआ है। विपक्ष लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) और राज्यसभा में नियम 267 के तहत तत्काल चर्चा कराने और मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, जबकि सरकार सामान्य नियमों के तहत चर्चा कराने की बात कह रही है।

सोनम वांगचुक का रुख और आंदोलन को भटकाने के आरोप

दूसरी ओर, 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अस्पताल से एक वीडियो आया है, जिसमें उन्होंने अपील की है कि यदि सरकार छात्रों पर बल प्रयोग न करने और एफआईआर दर्ज न करने का आश्वासन दे, तो वे अनशन समाप्त कर देंगे। वहीं प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी बाहरी लोगों को भेजकर पथराव करवा रही है ताकि आंदोलन को बदनाम किया जा सके। इसके अलावा किसान आंदोलन की तर्ज पर अब छात्रों के इस प्रदर्शन पर भी 'टूलकिट' और 'अर्बन नक्सल' जैसे आरोप लगाकर इसे भटकाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।

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