कनॉट प्लेस से राजघाट तक गूंजा विरोध, राहुल गांधी की मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को सीधी चेतावनी!
'लंच डिप्लोमेसी' के तहत सागर रत्ना के बाद अब कनॉट प्लेस के मशहूर रेस्टोरेंट Moets में विपक्षी सांसदों का जमावड़ा लगा। लंच के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने समर्थकों के साथ बस में सवार होकर राजघाट तक मार्च किया और बापू को श्रद्धांजलि देकर धरना दिया।
देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्ष का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इंडिया (INDIA) गठबंधन ने लगातार दूसरे दिन एक बेहद रणनीतिक और अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। पहले दिन 'सागर रत्ना' रेस्टोरेंट में हुई लंच बैठक के बाद, दूसरे दिन विपक्षी सांसदों का नया ठिकाना बना कनॉट प्लेस (CP) का मशहूर रेस्टोरेंट 'Moets'।
लंच डिप्लोमेसी के जरिए एकजुटता दिखाने के बाद विपक्ष के सभी दिग्गज नेता एक ही बस में सवार होकर राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए।
Moets में जमावड़ा और सपा सांसदों की मौजूदगी
बुधवार को शुरू हुई इस सियासी हलचल के दूसरे दिन कनॉट प्लेस स्थित Moets रेस्टोरेंट राजनीति का केंद्र बिंदु बना रहा। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा इंडिया ब्लॉक के दर्जनों सांसद एकत्र हुए।
खास बात यह रही कि आज के इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद भी पूरी मजबूती के साथ शामिल हुए। पिछले दिन की कुछ राजनीतिक अटकलों और दूरियों को दरकिनार करते हुए सपा नेताओं की मौजूदगी ने यह संदेश साफ कर दिया कि चुनाव आयोग और वोटिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर पूरा विपक्ष एक मंच पर खड़ा है।
कनॉट प्लेस से राजघाट तक बस मार्च
Moets में दोपहर के भोजन के बाद तमाम बड़े नेताओं को एक साथ एक बड़ी बस में बैठाया गया। बस के अंदर और बाहर का माहौल पूरी तरह चुनावी और आक्रामक नजर आ रहा था। सड़कों पर कांग्रेस, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम और पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच यह बस राजघाट की ओर बढ़ी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और सीईसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राहुल गांधी की सख्त चेतावनी: "वोट चोरी नहीं होने देंगे"
राजघाट पहुंचने से पहले और प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का रुख बेहद आक्रामक दिखाई दिया। उन्होंने देश की चुनाव प्रणाली और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सत्तापक्ष और संवैधानिक संस्थाओं पर करारा हमला बोला।
राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि देश के लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कड़ी चेतावनी दी। राहुल गांधी ने कहा कि देश की जनता और विपक्ष अब जागरूक है और किसी भी सूरत में 'वोट चोरी' के खेल को चलने नहीं दिया जाएगा।
बापू की समाधि पर नमन और धरना
राजघाट पहुंचने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य घटक दलों के नेताओं ने बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सभी नेता समाधि स्थल के करीब जमीन पर बैठकर धरने में शामिल हुए।
विपक्षी नेताओं का कहना था कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वे बापू के दिखाए अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर चलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। लगभग एक घंटे तक चले इस मौन और शांतिपूर्ण धरने के बाद नेताओं की रवानगी हुई।
राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी: के.सी. वेणुगोपाल
कांग्रेस के संगठन महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि विपक्ष की यह लड़ाई सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के लिए आधिकारिक तौर पर समय मांगा है।
के.सी. वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्ष राष्ट्रपति को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में हो रही अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त के रवैये के बारे में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगा।
सड़कों पर युवाओं का जोश
आज के इस प्रदर्शन में युवाओं और छात्र संगठनों की भागीदारी भी देखने लायक थी। NSUI और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कनॉट प्लेस से लेकर राजघाट तक के पूरे रास्ते को झंडों और नारों से पाट दिया था। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियात्मक खामियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
राजघाट पर धरना समाप्त होने के बाद भले ही नेता वहां से निकल गए हों, लेकिन इंडिया ब्लॉक ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों से निकलकर देश के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।

