रांची बना नया जंतर-मंतर: JPSC घोटाले में बुरी फंसी हेमंत सरकार
द फ़ेडरल देश के शो 'सियासत' में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के उग्र आंदोलन और बैकफ़ुट पर आई हेमंत सोरेन सरकार का विस्तृत विश्लेषण।
Siyasat: दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश भर के युवाओं और छात्रों के भारी प्रदर्शन की गूँज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब झारखंड की राजधानी रांची नया राजनीतिक और छात्र आंदोलन का गढ़ बन चुकी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, गोड्डा और पलामू से आए हजारों छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के फ़्लैगशिप शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने झारखंड में 14वीं JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, हेमंत सोरेन सरकार की घबराहट और बैकफ़ुट पर आई गठबंधन सरकार के हर पहलू का तीखा और विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
1. 14वीं JPSC परीक्षा का महाघोटाला: 48 सवाल हल करने वाला अभ्यर्थी भी पास!
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा 2 जुलाई को घोषित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों के बाद छात्रों का गुस्सा उफान पर आ गया।
असंगतियों और धांधली के गंभीर आरोप: 103 पदों के लिए 204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। लेकिन रिजल्ट में न तो कैटेगरी-वाइज़ कट-ऑफ़ जारी किया गया और न ही आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर थे।
सोशल मीडिया पर OMR शीट वायरल: कथित रूप से वायरल OMR शीट में खुलासा हुआ कि केवल 48 सवाल हल करने वाले अभ्यर्थी का भी चयन मुख्य परीक्षा के लिए कर लिया गया।
अध्यक्ष का इस्तीफा और सीआईडी जांच: भारी जनआक्रोश के बाद मुख्य परीक्षा को स्थगित करना पड़ा और JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांगते ने इस्तीफा दे दिया। राज्य सीआईडी ने छापेमारी कर अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें TSDP कंपनी का पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी मुख्य आरोपी बनकर उभरा है (जिसने पिछले 13 वर्षों में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं)।
2. 23 सालों से जारी 'सिस्टमेटिक फेलियर': बिरसा मुंडा और अंबेडकर के चित्रों संग धरने पर छात्र
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र बारिश और जलजमाव के बीच टेंट में रातें बिता रहे हैं। हाथों में भगवान बिरसा मुंडा, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरें लेकर देशभक्ति के गीत गा रहे ये युवा सरकार से ठोस सुधारों की मांग कर रहे हैं।
डेमोग्राफिक डिविडेंड से 'डेमोग्राफिक डिजास्टर': विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड के युवाओं के लिए पिछले दो दशकों में सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया बेहद दर्दनाक रही है। 2003 की पहली JPSC से लेकर 2026 की 14वीं JPSC तक—कोई भी परीक्षा ऐसी नहीं रही जो विवादों, हाई कोर्ट या CBI/CID जांच के चक्रव्यूह में न फंसी हो।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की अगुवाई: 25 जुलाई से शुरू हुए इस आंदोलन को सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया है। छात्रों ने साफ़ कर दिया है कि जब तक CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
3. बैकफ़ुट पर हेमंत सोरेन: जंतर-मंतर जैसे दमन से बचने की कोशिश
दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए छात्र दमन से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टकराव का रास्ता छोड़ वार्ता का मार्ग चुना है।
उच्चस्तरीय वार्ता समिति का गठन: सोरेन सरकार ने छात्रों की मांगों को सुनने और समाधान निकालने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। प्रशासनिक अधिकारी (SDO/SDM) स्टेडियम पहुँचकर छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं।
विपक्ष आक्रामक, कांग्रेस भी दबाव में: झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और बीजेपी नेताओं ने सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर 'सिलेक्टिव पॉलिटिक्स' का आरोप लगाते हुए कहा कि वे झारखंड के छात्रों का दर्द साझा करने रांची नहीं जा रहे हैं। वहीं चौतरफा घिरी कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने आंदोलनकारी छात्रों को समर्थन देने और प्रदेश अध्यक्ष द्वारा भोजन आपूर्ति कराने की घोषणा की है।
Next Story

