सियासत: अमित शाह कहाँ हैं? पेपर लीक और चंदा चोरी पर संसद में संग्राम
द फ़ेडरल देश के शो 'सियासत' में मनीष कुमार के साथ देखिए संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध, पेपर लीक, अमित शाह की अनुपस्थिति और राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर खड़गे-रिजीजू के टकराव का विश्लेषण।
Siyasat: संसद का मानसून सत्र शुरू हुए 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पेपर लीक विधेयक पर हुई दो दिनों की चर्चा को छोड़ दें तो पूरा सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के भारी हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ चुका है। संसद, जो देश की 140 करोड़ जनता की आवाज़ और उनके दर्द को उठाने का सर्वोच्च मंच है, इस समय नारों और राजनीतिक टकराव का मैदान बन गया है।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने संसद भवन के भीतर और बाहर छिड़े घमासान छात्रों पर पुलिसिया बर्बरता, गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति, राम मंदिर में कथित 'चंदा चोरी' विवाद और बांकेपुर-दतिया उपचुनाव के नतीजों का इस गतिरोध पर असर—का परत-दर-परत विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
1. 12 दिनों से ठप संसद: पेपर लीक से लेकर पुलिस बर्बरता तक अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और पेपर लीक विवाद को लेकर लगातार दबाव बना हुआ था, जिसके चलते शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा।
गृह मंत्री के बयान की मांग: विपक्ष पिछले 7 दिनों से छात्रों पर पुलिसिया दमन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग कर रहा है।
सदन में अनुपस्थिति पर चुटकी: राज्यसभा में 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026' पेश किया गया। यह बिल गृह मंत्रालय से संबंधित था, लेकिन गृह मंत्री के स्थान पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय इसे पेश करने पहुँचे। इस पर विपक्षी सांसदों (सहित छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिला सांसद) ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय गृह मंत्रालय का विधेयक पेश हो रहा है तो गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन से गायब क्यों हैं?
2. राज्यसभा में 'चंदा चोरी' पर महाभारत: खड़गे vs किरण रिजीजू
संसद के बाहर और भीतर उस समय स्थिति विस्फोटक हो गई जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे के कथित घोटाले का मुद्दा राज्यसभा में उठा दिया।
मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी जवाबदेही तय करने की मांग की। खड़गे ने कहा, "राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया, 70 एकड़ ज़मीन दी और प्राण प्रतिष्ठा तक पीएम खुद चेहरा बने। तो जब चंदे में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं, तब ईडी, सीबीआई, विजिलेंस और इनकम टैक्स एजेंसियाँ कहाँ सोई हैं?"
किरण रिजीजू का पलटवार और हंगामा: विपक्ष के "चंदा चोर कहाँ मिलेंगे, बीजेपी के दफ़्तर में" के नारों के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू भड़क गए। रिजीजू ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा हमेशा भगवान राम के विरोधी रहे हैं और राम मंदिर का विरोध करते रहे हैं, आज चंदा चोरी का नाटक कर रहे हैं।
सदन में धक्का-मुक्की और स्थगन: रिजीजू के बयान पर मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्षी सांसदों ने कड़ा एतराज जताया और रिजीजू से देश से माफ़ी मांगने की मांग की। सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) और विपक्ष के सांसदों के आमने-सामने आकर नारेबाजी करने के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
3. उपचुनाव (बांकेपुर व दतिया) के नतीजों से विपक्ष का बढ़ा हौसला, अखिलेश यादव का बयान
संसद परिसर में अखिलेश यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने लगातार प्रदर्शन किया। बांकेपुर (बिहार) में प्रशांत किशोर और दतिया (मध्य प्रदेश) में कांग्रेस की जीत से विपक्षी खेमे का मनोबल बढ़ा हुआ है।
अखिलेश यादव का तंज: जब अखिलेश यादव से बांकेपुर और दतिया में बीजेपी की हार पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि "बीजेपी ने इस बार बिना पुलिस-प्रशासन और बिना ईवीएम में गड़बड़ी किए ईमानदारी से चुनाव लड़ा, ताकि वे देख सकें कि जनता में उनसे कितनी नाराजगी है। 12 साल में जनता को रिटर्न गिफ्ट मिला है और जनता अब बीजेपी से ऊब चुकी है।"
4. बैकफ़ुट पर सरकार: डीलिमिटेशन और महिला आरक्षण बिल टला
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार इस सत्र में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कराने की कोशिश करेगी। लेकिन छात्रों के आक्रोश, पेपर लीक विवाद और राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के कारण सरकार रक्षात्मक मुद्रा में आ गई है। अब यह तय माना जा रहा है कि सरकार इन प्रमुख विधेयकों को टालकर आगामी शीतकालीन सत्र का इंतज़ार करेगी।
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