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क्या प्रो. रामगोपाल के बयान ने निकाली सपा के 'चंदा चोरी' अभियान की हवा?

द फ़ेडरल देश के शो 'सियासत' में मनीष कुमार के साथ देखिए अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद, पप्पू यादव के साधु भेष प्रदर्शन और प्रो. रामगोपाल यादव के बयान पर विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण।


Siyasat: उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही धारदार बिसात बिछाई जा चुकी है। अयोध्या के श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गुप्त दान, सोने-चांदी की धातुओं और चंदे में कथित घपले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) लगातार भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। लेकिन संसद परिसर में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए एक अनोखे विरोध प्रदर्शन पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ सांसद प्रो. रामगोपाल यादव के एक विवादास्पद बयान ने खुद समाजवादी पार्टी के पूरे राजनीतिक अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के प्रमुख शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने इस बात का बारीकी से विश्लेषण किया है कि क्या प्रो. रामगोपाल यादव के बयान ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव की रणनीति की हवा निकाल दी है और क्या इससे बीजेपी को बैकफ़ुट से निकलकर हमलावर होने का मौका मिल गया है।


1. पप्पू यादव का 'साधु भेष' प्रदर्शन और प्रो. रामगोपाल यादव की आपत्ति

संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु-पुजारी की वेशभूषा धारण करके संसद भवन परिसर में पहुँचे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से विपक्षी सांसदों से दान पेटी में चंदा एकत्र किया और फिर नाटकीय अंदाज़ में दान पेटी लेकर भागते हुए चंदा चोरी का विरोध जताया।


प्रो. रामगोपाल यादव का करारा हमला: जब मीडिया ने सपा के प्रोफेसर साहब से इस विरोध प्रदर्शन पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। रामगोपाल यादव ने कहा, "वो प्रदर्शन गलत था। जो राम मंदिर में चोरी हुई है उससे संतों का कोई वास्ता नहीं है। तो वो तो बेसिकली गलत चीज थी और ऐसा होना नहीं चाहिए था।"


बीजेपी को मिला रणनीतिक हथियार: रामगोपाल यादव के इस बयान ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। अखिलेश यादव जिस मुद्दे को लेकर 2027 चुनाव तक बीजेपी को घेरने की योजना बना रहे थे, उसी मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठतम नेता के बयान ने बीजेपी को विपक्ष के विरोध के तरीकों पर सवाल उठाने का सीधा मौका दे दिया है।


2. राहुल, डिंपल और धर्मेंद्र यादव की मौजूदगी - सपा के भीतर विरोधाभास?

दिलचस्प बात यह है कि जिस समय संसद भवन के बाहर पप्पू यादव जमीन पर बैठकर साधु के भेष में प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा सांसद डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव खुद उनकी दान पेटी में प्रतीकात्मक चंदा (₹47,100) देने आए थे। इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने अयोध्या से सपा के दलित सांसद अवधेश प्रसाद के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया था।


विपक्ष की सहमति के खिलाफ प्रोफेसर का रुख: जब सपा की शीर्ष कमान (अखिलेश यादव, डिंपल यादव) और राहुल गांधी को इस प्रदर्शन से कोई आपत्ति नहीं थी, तो रामगोपाल यादव को अकेले यह प्रदर्शन 'गलत' क्यों लगा?


सपा सांसदों का बचाव: विवाद बढ़ने पर सपा के अन्य सांसद खुलकर तो रामगोपाल यादव के खिलाफ नहीं बोले, लेकिन उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा सबसे पहले अखिलेश यादव और अयोध्या के स्थानीय संतों-मठाधीशों ने उठाया था। सपा सांसदों ने तर्क दिया कि जब पीएम मोदी भगवान रामलला की उंगली पकड़कर मंदिर ले जाने के पोस्टर लगवाते हैं या बीजेपी नेताओं के काफिले के आगे हनुमान जी के भेष में नृत्य कराया जाता है, तब धार्मिक प्रतीकों के अपमान की बात क्यों नहीं उठती?


3. एफआईआर, इंटरनेशनल कॉल और सनातन बनाम राजनीति का मोड़

पप्पू यादव के इस नाटकीय प्रदर्शन के बाद हिंदू संगठनों की शिकायत पर वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ हिंदुओं की भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज (FIR) कराया गया है।


पप्पू यादव का दावा: एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि विपक्षी नेता एफआईआर या मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने खुलासा किया कि इस प्रदर्शन के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले 10 से ज्यादा इंटरनेशनल कॉल आ चुके हैं।


संसद से यूपी विधानसभा तक संग्राम: चंदा चोरी के मुद्दे को सपा सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि लखनऊ में शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र में भी जोर-शोर से उठा रही है। सत्र के पहले दिन सपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर बिजली, बेरोजगारी, छात्रों पर लाठीचार्ज और राम मंदिर के चढ़ावे में बेईमानी को लेकर योगी सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। संसद में एकत्र हुए ₹47,100 को सपा सांसद जल्द ही अयोध्या जाकर ट्रस्ट के रसीद के साथ जमा करने का दावा कर रहे हैं।


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