क्या 20 जुलाई को होगा सीजेपी का संसद मार्च? वांगचुक पर एक्शन के बाद सस्पेंस
सफेद चादर की ओट में सफदरजंग भेजे गए सोनम वांगचुक; अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन, अब सीधे पीएम मोदी से मांगा इस्तीफा.
Siyasat: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से चल रहा देश का सबसे संवेदनशील अनशन आखिरकार पुलिसिया कार्रवाई की भेंट चढ़ गया. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक दो दिन पहले शनिवार, 18 जुलाई की सुबह 7:00 बजे दिल्ली पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और सुनियोजित ऑपरेशन के तहत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को धरना स्थल से जबरन हटा दिया. पुलिस उन्हें एम्बुलेंस में बैठाकर सीधे सफदरजंग अस्पताल ले गई और वहां भर्ती करा दिया.
डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फेडरल देश' के शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने इस पूरे मामले की परतें खोली हैं. मनीष कुमार के अनुसार, नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति के बाद इस बड़े क्रैकडाउन की पटकथा पूरी तरह तैयार कर ली गई थी. वांगचुक को हटाए जाने के बाद अब जंतर-मंतर छावनी में तब्दील हो चुका है. विपक्ष इस पूरी कार्रवाई को 'लोकतंत्र पर काला धब्बा' और 'नरेंद्र मोदी सरकार की तानाशाही' करार दे रहा है.
1. नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की पहली बड़ी और गोपनीय कार्रवाई
'द फेडरल देश' के शो 'सियासत' में एंकर मनीष कुमार ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे ऑपरेशन की टाइमिंग बेहद सोच-समझकर तय की गई थी. शुक्रवार को ही दिल्ली के पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को अचानक पद से हटा दिया गया था. उनके स्थान पर अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया. पदभार संभालते ही नए कमिश्नर ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की.
इस गोपनीय बैठक में सोनम वांगचुक को हटाने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया. ऑपरेशन के लिए शनिवार की सुबह 7:00 बजे का समय चुना गया. इस समय जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम होती है. इस ऑपरेशन की भनक पुलिस विभाग के कुछ चुनिंदा बड़े अधिकारियों को ही थी.
2. कैमरों से बचने के लिए सफेद चादर का ढोंग और सिविल ड्रेस में आए जवान
'सियासत' शो में इस ऑपरेशन के जमीनी घटनाक्रम का बेहद चौंकाने वाला विवरण दिया गया है. शनिवार सुबह अचानक जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भारी तैनाती कर दी गई. मीडिया और वहां मौजूद लोगों को भ्रमित करने के लिए दिल्ली पुलिस के कई जवान सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में पहुंचे थे.
ये जवान तेजी से उस मंच की तरफ बढ़े जहां सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से बिना अन्न के अनशन पर बैठे थे. मीडिया के कैमरों की नजर से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने पूरे मंच को चारों तरफ से सफेद चादर से कवर कर दिया. इसके बाद वे सोनम वांगचुक को मंच से नीचे उतारकर सीधे एम्बुलेंस की तरफ ले गए. इस दौरान सोनम वांगचुक हाथ उठाकर विरोध का इशारा करते हुए भी नजर आए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद की गई है, जिसमें वांगचुक के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे निगरानी रखने की बात कही गई थी.
3. "पोटेशियम कम है पर रिपोर्ट नहीं दे रहे, फोन भी छीना" - पत्नी गीतांजलि का गंभीर आरोप
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर पारदर्शिता न बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
गीतांजलि आंगमो ने मीडिया से बातचीत में कहा:
"डॉक्टर हमें मौखिक रूप से कह रहे हैं कि वांगचुक का पोटेशियम लेवल घटकर 2.9 हो गया है, जो जानलेवा (Life Threatening) है. लेकिन जब हम लिखित मेडिकल रिपोर्ट मांग रहे हैं, तो वे रिपोर्ट देने से साफ मना कर रहे हैं. हमने स्पष्ट कर दिया है कि हमारी लिखित सहमति के बिना उन्हें कोई भी ओरल या इंट्रावेनस (आईवी) ट्रीटमेंट न दिया जाए. अगर यह सिर्फ एक सामान्य मेडिकल इश्यू है, तो अस्पताल में इतनी भारी संख्या में पुलिस बल क्यों तैनात है? हमारा और वांगचुक का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया है."
अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार फिलहाल वांगचुक की हालत स्थिर बनी हुई है और वे सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में हैं.
4. सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान: अब पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग
जिस समय दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को मंच से हटाया, उस समय 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके वहां मौजूद नहीं थे. इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर आकर अपना अनशन शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है.
अभिजीत दीपके ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा:
"सरकार को लगता है कि वे सोनम सर को उठाकर इस आंदोलन को पूरी तरह खत्म कर देंगे. लेकिन यह आंदोलन अब और तेज होगा. आज से सोनम सर की जगह मैं आमरण अनशन पर बैठ रहा हूँ. अब हमारी मांग सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि अब हम सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हैं. हमारा 20 जुलाई का संसद मार्च हर हाल में होकर रहेगा."
इसी बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा स्याही फेंकने की घटना भी सामने आई है, जिससे वहां माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है.
5. "तानाशाही और सरकार की कायरता" - विपक्ष का राष्ट्रव्यापी आक्रोश
सोनम वांगचुक के खिलाफ हुए इस बल प्रयोग को लेकर देश के समूचे विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संसद सत्र से ठीक पहले मिले इस मुद्दे को विपक्ष संसद के भीतर एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति बना रहा है.
मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष): "जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे एक महान वैज्ञानिक के खिलाफ ऐसा क्रूर बल प्रयोग हमारे लोकतंत्र और पवित्र संविधान पर एक काला धब्बा है."
अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष): "20 दिनों से भूखे बैठे एक देशभक्त को जबरन उठाना सरकार की घोर कायरता को दर्शाता है. सरकार को दमन करने के बजाय छात्रों के मुद्दों पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए था. यह तानाशाही की पराकाष्ठा है."
सुप्रिया सुले व डिंपल यादव: विपक्षी महिला नेताओं ने सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार संवाद करना नहीं जानती, इसे सिर्फ डंडा चलाना आता है.
दूसरी तरफ, भाजपा ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक द्वेष के तहत नहीं की गई है. भाजपा नेताओं का दावा है कि वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर उनकी जान बचाने के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
Next Story

