उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: एक्शन से तनाव, पथराव-लाठीचार्ज; HC में कार्रवाई के खिलाफ याचिका खारिज
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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: एक्शन से तनाव, पथराव-लाठीचार्ज; HC में कार्रवाई के खिलाफ याचिका खारिज

उज्जैन की शाही मस्जिद पर कार्रवाई के बाद विवाद बढ़ गया, विरोध प्रदर्शन के दौरान पथराव और लाठीचार्ज की स्थिति बनी। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी गई।


मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर विवाद सामने आया है। मामला सड़क चौड़ीकरण और आगामी बड़े धार्मिक आयोजन के लिए शहर में किए जा रहे विकास कार्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने विरोध जताया और मस्जिद को हटाने के फैसले पर सवाल उठाए।

प्रशासन का कहना है कि शहर में बढ़ती भीड़ और बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जरूरी है। इसी प्रक्रिया में कुछ धार्मिक और अन्य निर्माणों को प्रभावित करने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी एक धर्म को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि विकास कार्यों के तहत की जा रही है।

विरोध क्यों हुआ?
मस्जिद हटाने की कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़ा फैसला संवेदनशील तरीके से लिया जाना चाहिए और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका मिलना चाहिए।

सोमवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पर पथराव किया गया। जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी गई। भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी घायल हो गईं।

विवाद के बाद फोर्स तैनात कर दी गई, लेकिन दोपहर होते-होते फिर पथराव होने लगा। पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी। हंगामे के बीच कार्रवाई जारी रही। हालांकि, नमाज के समय इसे रोक दिया गया। इसके बाद मामला शांत हो गया।

उज्जैन में इससे पहले भी सड़क चौड़ीकरण और धार्मिक स्थलों को हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। कुछ हिंदू संगठनों ने मांग की थी कि अगर किसी धार्मिक निर्माण पर कार्रवाई होती है तो सभी धार्मिक स्थलों के लिए समान नीति अपनाई जाए।

कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विकास कार्यों और सार्वजनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मस्जिद के आंशिक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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