
विजय का अगला मोर्चा: TVK ने चुपचाप केरल में विस्तार शुरू किया
वायनाड और पलक्कड़ के सीमावर्ती ज़िलों में TVK ने ज़मीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है; हालाँकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
TVK In Kerala: तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और तमिल सुपरस्टार विजय की राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) अब पड़ोसी राज्य केरल में अपने पैर पसारने की तैयारी कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद, केरल के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या विजय अपने इस नए राजनीतिक मोर्चे का विस्तार वहां करेंगे। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन केरल के विभिन्न जिलों में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए गुपचुप तरीके से गोटियां बिछाई जाने लगी हैं।
वायनाड और पलक्कड़ में अनौपचारिक बैठकें शुरू
केरल में पार्टी के विस्तार को लेकर रणनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू हो चुकी है। टीवीके केरल इकाई के करीबी सूत्रों के मुताबिक, पलक्कड़ और वायनाड जैसे सीमावर्ती जिलों में अनौपचारिक चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि अगले दो महीनों में पार्टी के केरल विंग का अंतिम ढांचा तैयार हो जाएगा। राजनीति में आने से पहले ही विजय का फैन क्लब 'विजय मक्कल अय्यक्कम' (VMI) केरल में सामाजिक कार्यों, आपदा राहत और चैरिटी कार्यक्रमों में बेहद सक्रिय रहा है, जो अब पार्टी का मुख्य आधार बन रहा है।
वायनाड के वेंगपल्ली में लगा पार्टी का पहला झंडा
केरल में टीवीके की पहली राजनीतिक इकाई स्थापित करने की शुरुआत वायनाड जिले के सीमावर्ती शहर वेंगपल्ली से हो चुकी है। सफवान खलील नाम के एक युवक के नेतृत्व में करीब 20 युवा आईटी प्रोफेशनल्स और कॉमर्स ग्रेजुएट्स की टीम ने शहर भर में पार्टी के फ्लेक्स बोर्ड लगा दिए हैं। यह टीम 'माय टीवीके' (My TVK) ऐप के जरिए नए सदस्यों का रजिस्ट्रेशन भी कर रही है। हालांकि, केरल के बड़े फैन एसोसिएशंस अभी चेन्नई में मौजूद पार्टी आलाकमान से आधिकारिक हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
तमिलनाडु का चुनावी समीकरण और कांग्रेस से दोस्ती
108 सीटों पर जीत: टीवीके ने अप्रैल 2026 के तमिलनाडु चुनाव में 108 सीटें जीतीं, जो बहुमत (118) से महज 10 सीटें कम थीं।
कांग्रेस का साथ: कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन से विजय ने 10 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए थे।
केरल में यूडीएफ की आंधी: इसी दौरान केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतकर वामपंथियों के दस साल के शासन को उखाड़ फेंका।
राजनीतिक गलियारा: दोनों राज्यों में कांग्रेस एक साझा कड़ी बन चुकी है, जिससे विजय की पार्टी के लिए केरल का रास्ता आसान दिख रहा है।
केरल के सामाजिक ताने-बाने में कैसे फिट होगी टीवीके?
केरल का दर्शक वर्ग हमेशा से विजय को अपना मानता आया है और उनकी फिल्में वहां रिकॉर्ड तोड़ कमाई करती हैं। राजनीतिक तौर पर, टीवीके की विचारधारा धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और समतावाद पर टिकी है, जो दक्षिणपंथी राजनीति को पूरी तरह खारिज करती है। यह 'सेंटर-लेफ्ट' झुकाव केरल के प्रगतिशील सामाजिक ताने-बाने से काफी मेल खाता है। लेकिन केरल की राजनीति इतनी आसान नहीं है। करारी हार के बाद भी लेफ्ट का अपना कैडर है, और मुस्लिम बहुल इलाकों में आईयूएमएल (IUML) का मजबूत आधार है, जो तमिलनाडु में टीवीके की सहयोगी भी है।
क्या कांग्रेस के लिए मददगार या सिरदर्द बनेगी टीवीके?
सवाल नंबर 1: क्या केरल कांग्रेस अपने राज्य में एक नए राजनीतिक दल को उभरने का मौका देगी, जो भविष्य में उसी के युवा और आकांक्षी वोट बैंक में सेंध लगा सकता है?
सवाल नंबर 2: क्या केरल में टीवीके का प्रवेश बीजेपी विरोधी गुट को मजबूत करने का काम करेगा या फिर यह विपक्षी गठबंधन के भीतर एक नया आंतरिक विवाद खड़ा करेगा?
सवाल नंबर 3: केरल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किए जाने के बावजूद विजय क्यों शामिल नहीं हुए? क्या इसके पीछे कोई छिपी हुई राजनीतिक रणनीति है?
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