
तमिलनाडु की आग में झुलसा 'INDIA' गठबंधन; DMK का दिल्ली बैठक से बायकॉट
कांग्रेस के 'विश्वासघात' के खिलाफ द्रमुक का बड़ा कदम, 8 जून की बैठक में शामिल नहीं होगी पार्टी; कनिमोझी ने संसद में भी सीटें अलग करने की मांगी अनुमति।
DMK INDI Alliance Controversy: देश के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर विपक्षी 'INDIA' गठबंधन के कुनबे से आ रही है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सूबे में हुए नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता की नींव हिला दी है. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने आगामी 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली 'INDIA' गठबंधन की अहम बैठक में शामिल न होने का बड़ा एलान कर दिया है. द्रमुक के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि तमिलनाडु में सरकार गठन के दौरान कांग्रेस के रुख से उपजी कड़वाहट अभी दूर होना बाकी है.
दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने जोसफ विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कड़गम' (TVK) बहुमत के आंकड़े से 11 सीटें दूर रह गई थी. ऐसे में दशकों पुराना गठबंधन तोड़ते हुए कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों के साथ टीवीK को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे दिया. इस 'टूट' के बदले कांग्रेस ने सूबे में दो कैबिनेट मंत्रालय भी हासिल किए, जिससे 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस वहां सत्ता में साझीदार बनी है. कांग्रेस के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए द्रमुक ने उस पर राजनीतिक सहूलियत के लिए 'पीठ में छुरा घोंपने' और 'विश्वासघात' का सार्वजनिक आरोप लगाया था.
द्रमुक का आधिकारिक स्टैंड: 'कांग्रेस वाली बैठक से रहेंगे दूर, लेकिन देश के मुद्दों पर बोलेंगे'
द्रमुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए बैठक का बहिष्कार करने की आधिकारिक पुष्टि की है. पार्टी ने कड़े शब्दों में लिखा:
"द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) दिल्ली में 8 जून को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की उस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी, जिसमें कांग्रेस शामिल हो रही है! इसके साथ ही – इस बैठक में शामिल अन्य दलों द्वारा देश के कल्याण को नुकसान पहुंचाने वाले उठाए गए मुद्दों पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम हमेशा अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।"
संसद में भी दिखेगी दूरी; कनिमोझी ने स्पीकर को चिट्ठी लिख मांगी अलग सीटें
इस राजनैतिक दरार का असर सिर्फ दिल्ली की बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की संसद में भी दिखने लगा है. द्रमुक सांसद कनिमोझी ने हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को एक लिखित पत्र भेजकर बदले हुए राजनीतिक हालातों का हवाला दिया है. कनिमोझी ने स्पीकर से मांग की है कि संसद के भीतर द्रमुक के सांसदों के बैठने की व्यवस्था (Seating Arrangement) कांग्रेस और अन्य सहयोगियों से अलग की जाए. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आम चुनावों से ठीक तीन साल पहले आया यह मोड़ विपक्षी मोर्चे के भीतर एक बड़े बिखराव का स्पष्ट संकेत है.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जुटेंगे 15 दल; ममता-अभिषेक के शामिल होने की उम्मीद
यह महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने की संभावना है, जिसमें करीब 15 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है. यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन के दो बड़े क्षेत्रीय छत्रपों तृणमूल कांग्रेस (TMC) और DMK ने हाल ही में राज्यों की सत्ता गंवाई है.
TMC का आंतरिक संकट: पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद आंतरिक बगावत और वर्चुअल विभाजन से जूझ रही टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी और उनके सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है.
ये नेता भी रहेंगे मौजूद: बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी और शिव सेना (यूबीटी) के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की चर्चा है. हालांकि, कांग्रेस से तल्ख रिश्तों के चलते आम आदमी पार्टी (AAP) के भी इस बैठक से दूरी बनाए रखने की संभावना है.
'हार के लिए भी तालियां बजाओ' पूर्व द्रमुक मंत्री आर मूर्ति का कार्यकर्ताओं पर फूटा गुस्सा
इस बीच, तमिलनाडु के भीतर चुनावी शिकस्त को लेकर द्रमुक के अंदरूनी कलह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान पूर्व वाणिज्यिक कर मंत्री आर. मूर्ति का गुस्सा अपने ही कार्यकर्ताओं पर फूट पड़ा.
मदुरै ईस्ट सीट से चुनाव हारने वाले मूर्ति ने बेहद तल्ख और कटाक्ष भरे लहजे में कहा कि जनता ने इस विधानसभा चुनाव में "हमें बहुत अच्छा सबक सिखाया है।" उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा इतना अच्छा काम किए जाने के बाद भी पार्टी चुनाव हार गई. जब इस बात पर वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजानी शुरू कीं, तो झल्लाए मूर्ति ने कहा, "हां, आगे बढ़ो और इस हार के लिए भी तालियां बजाओ।" उन्होंने इस शर्मनाक हार के लिए सीधे तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया.
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