Controversy Over Jagan Reddy: आंध्र प्रदेश पुलिस ने वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार के नागेश्वर के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं। यह कार्रवाई उनके एक टीवी डिबेट के दौरान दिए गए बयान के बाद हुई है। नागेश्वर ने दावा किया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वाईएसआर कांग्रेस के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी को गिरफ्तार करने के आंध्र के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के अनुरोध को खारिज कर दिया था। इस टिप्पणी के बाद जनसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। उनकी शिकायतों के आधार पर आंध्र प्रदेश के काकीनाडा सहित विभिन्न हिस्सों में नागेश्वर के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। उन पर उकसाने और समूहों के बीच तनाव पैदा करने के आरोप लगाए गए हैं। विवादित टिप्पणी को प्रसारित करने वाले टीवी चैनल पर भी आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस विवाद के बीच नागेश्वर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों से भारी समर्थन मिल रहा है। वामपंथी दलों, बुद्धिजीवियों और भारत राष्ट्र समिति जैसी विपक्षी पार्टियों ने उनके पक्ष में आवाज उठाई है। हाल ही में गठित तेलंगाना रक्षण सेना भी उनके बचाव में सामने आई है।
क्या था पूरा विवादित मामला
यह पूरा विवाद 19 मई को शुरू हुआ था। नागेश्वर ने सूत्रों के हवाले से एक टीवी डिबेट में दावा किया था। उन्होंने कहा था कि अमित शाह ने पवन कल्याण और नादेंदला मनोहर से दिल्ली में मुलाकात की थी।
जगन को बताया था पुराना दोस्त
नागेश्वर के मुताबिक, शाह ने कहा था कि टीडीपी भले ही तात्कालिक मित्र हो, लेकिन जगन मोहन रेड्डी भाजपा के बहुत पुराने और दीर्घकालिक मित्र हैं।
मंत्रियों ने दावों को नकारा आंध्र के मंत्री नादेंदला मनोहर ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने या पवन कल्याण ने कभी जगन की गिरफ्तारी की मांग नहीं की थी।
नागेश्वर ने मांगी सार्वजनिक माफी
विवाद बढ़ता देख प्रोफेसर नागेश्वर ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। उन्होंने अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि उन्हें गलत जानकारी मिली थी।
बीजेपी नेता ने किया समर्थन
दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने भी नागेश्वर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस केस दर्ज करना गलत संदेश देता है।
मामले पर बढ़ेगी चिंता
मुरलीधर राव ने एक्स पर लिखा कि मामला आगे बढ़ाने से केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंताएं पैदा होंगी। जनसेना पार्टी को इसे अब छोड़ देना चाहिए।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
तेलंगाना के पूर्व मंत्री हरीश राव ने भी मामलों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि माफी के बाद भी परेशान करना राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है।
जगन मोहन रेड्डी का हमला
इस बीच जगन मोहन रेड्डी ने भी मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में लोकतंत्र पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
पुलिस राज का लगाया आरोप
जगन ने आरोप लगाया कि राज्य को पुलिस राज में बदल दिया गया है। सरकार पर सवाल उठाने वाले पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया जा रहा है।
गठबंधन पर उठे सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से वाईएसआरसीपी को मजबूती मिल सकती है। यह संदेश जा रहा है कि मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन केवल एक अस्थायी सुविधा का हिस्सा है।
टीडीपी और बीजेपी के पुराने रिश्ते
इस घटनाक्रम ने टीडीपी और बीजेपी के पुराने उतार-चढ़ाव वाले रिश्तों को फिर ताजा कर दिया है। साल 2014 से 2019 के बीच भी दोनों दल साथ थे।
नरेंद्र मोदी का पुराना तंज
उस दौर में पीएम मोदी ने एक जनसभा में नायडू पर बड़ा तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि पोलावरम परियोजना नायडू के लिए एटीएम बन चुकी है।
वामपंथी नेताओं का रुख
एक प्रमुख सीपीआई नेता ने कहा कि बीजेपी कभी भी किसी क्षेत्रीय दल की स्थायी मित्र नहीं रही है। वह केवल राजनीतिक सुविधा के आधार पर रिश्ते तय करती है।