
मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा: सीएम विजय ने पहली फाइल पर किए साइन
चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ के बाद मुख्यमंत्री ने तीन मुख्य फाइलों पर किए हस्ताक्षर। महिलाओं के लिए 'सिंगापेन' टास्क फोर्स और एंटी-ड्रग यूनिट का गठन।
CM Vijay's First step to fulfill election promises : तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद सी. जोसेफ विजय ने अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह के बाद उन्होंने तीन महत्वपूर्ण सरकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इन फैसलों में मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के इन फैसलों को जनता के बीच काफी लोकप्रियता मिल रही है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित हैं। तमिलनाडु पर बढ़ता कर्ज का बोझ इन नई कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि, नई सरकार ने साफ किया है कि जनता की भलाई और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का तोहफा
मुख्यमंत्री विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर दो महीने में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अगर कुल खपत 500 यूनिट से कम रहती है, तो उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की छूट मिल सकती है। तमिलनाडु पहले से ही 100 यूनिट मुफ्त बिजली दे रहा था, जिसे अब सरकार ने दोगुना कर दिया है।
इस फैसले से कर्नाटक और दिल्ली की तर्ज पर तमिलनाडु भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जो बिजली सब्सिडी दे रहे हैं। हालांकि, सरकारी बिजली कंपनी (TANGEDCO) पर पहले से ही भारी घाटा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025-26 तक बिजली सब्सिडी का खर्च 7,752 करोड़ रुपये को पार कर सकता है।
महिलाओं के लिए 'सिंगापेन' टास्क फोर्स
महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार ने 'सिंगापेन सिरप्पु अथिराडी पडाई' नामक एक नई ऑल-वीमेन सुरक्षा फोर्स बनाने का ऐलान किया है। यह एक एलीट टास्क फोर्स होगी जो विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने का काम करेगी। हाल के वर्षों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोत्तरी देखी गई थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
नशामुक्त तमिलनाडु का संकल्प
राज्य में नशीली दवाओं के बढ़ते कारोबार को रोकने के लिए हर जिले में 'एंटी-ड्रग टास्क फोर्स' गठित करने का आदेश दिया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान यह मुद्दा काफी गरमाया हुआ था। सिंथेटिक ड्रग्स और युवाओं के बीच बढ़ती लत को खत्म करने के लिए यह फोर्स सीधे जिला स्तर पर काम करेगी और ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी संभालेगी।
कर्ज के बोझ तले दबी अर्थव्यवस्था
इन लोक-लुभावन घोषणाओं के बीच तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा शुरू हो गई है। संशोधित अनुमानों के अनुसार राज्य पर कुल कर्ज 9.52 लाख करोड़ रुपये है, जिसके मार्च 2027 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में नई योजनाओं के लिए फंड जुटाना सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी।
Next Story

