
सतीशन बने केरल के नए सीएम, अनुभवी व नए चेहरों संग यूडीएफ कैबिनेट गठित
केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ गठबंधन की बंपर जीत के बाद कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, कैबिनेट में 20 मंत्रियों को जगह मिली।
Keralam New CM VD Sateeshan: केरल में हुए विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। तिरुवनंतपुरम के खचाखच भरे सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सतीशन और उनके कैबिनेट के 20 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ की इस नई सरकार के गठन से एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हुई है। शपथ ग्रहण समारोह में गठबंधन के तमाम वरिष्ठ नेता और हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
नए और अनुभवी चेहरों को मिलाकर बनी कैबिनेट
इस नई कैबिनेट की सबसे खास बात यह है कि इसमें अनुभव और युवा जोश का एक बेहतरीन संतुलन देखने को मिल रहा है। मंत्रिमंडल में कुल 20 मंत्रियों को शामिल किया गया है जिनमें से 14 नेता पहली बार मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन भी खुद पहली बार राज्य में कोई प्रशासनिक और कार्यकारी पद संभाल रहे हैं। इस नए मंत्रिमंडल में सामाजिक संतुलन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। सरकार में दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति समुदाय के दो प्रतिनिधियों को जगह दी गई है।
सहयोगी दलों के बीच मंत्रियों का हुआ बंटवारा
गठबंधन के भीतर सीटों और विभागों के बंटवारे को लेकर काफी सूझबूझ से काम लिया गया है। इस कैबिनेट में सबसे बड़े दल कांग्रेस ने अपने पास 11 मंत्री पद रखे हैं। गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल को 5 कैबिनेट सीटें दी गई हैं। इसके अलावा बाकी बची हुई मंत्री सीटें यूडीएफ के अन्य छोटे और महत्वपूर्ण सहयोगी दलों के बीच बांटी गई हैं। सभी दलों ने सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है।
रमेश चेन्निथला बने सरकार का सबसे बड़ा चेहरा
कैबिनेट के सबसे प्रमुख चेहरों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं। 69 वर्षीय चेन्निथला केरल सरकार में तीसरी बार मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं। अलाप्पुझा जिले की हरीपाद सीट से विधायक चेन्निथला का राजनीतिक करियर पांच दशकों से ज्यादा लंबा रहा है। वह साल 1986 में महज 28 वर्ष की उम्र में केरल के सबसे युवा मंत्री बने थे। वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद भी रह चुके हैं और इस बार उन्हें गृह और सतर्कता विभाग मिलने की पूरी संभावना है।
पीके कुन्हालीकुट्टी संभालेंगे उद्योग मंत्रालय का प्रभार
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कद्दावर नेता पीके कुन्हालीकुट्टी एक बार फिर कैबिनेट में अपनी चमक बिखेरेंगे। 74 वर्षीय कुन्हालीकुट्टी लंबे समय से अपनी पार्टी का मुख्य चेहरा रहे हैं। वह साल 1982 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद वह के करुणाकरन, एके एंटनी और ओम्मन चांडी की सरकारों में भी मंत्री रहे हैं। अपने गृह क्षेत्र मलप्पुरम से चुनाव जीतने वाले कुन्हालीकुट्टी को इस बार भी उद्योग मंत्रालय मिलने की उम्मीद है जो उन्होंने पिछली तीन यूडीएफ सरकारों में संभाला था।
के मुरलीधरन और सन्नी जोसेफ को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। वट्टीयूरकावू से तीन बार के विधायक और पूर्व बिजली मंत्री मुरलीधरन कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ चेहरों में से एक होंगे। वहीं दूसरी तरफ केपीसीसी अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने कन्नूर की पेरावूर सीट से माकपा की कद्दावर नेता केके शैलजा को हराकर इतिहास रचा है। पेशे से वकील जोसेफ साल 2011 से विधायक हैं लेकिन संगठन में शानदार काम और ऐतिहासिक जीत के बाद वह पहली बार मंत्री बने हैं।
अनुसूचित जाति और क्षेत्रीय दलों को मिला प्रतिनिधित्व
मलप्पुरम की वंडूर सीट से साल 2001 से लगातार विधायक चुनकर आ रहे एपी अनिल कुमार कैबिनेट में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह ओम्मन चांडी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं और उनका लंबा अनुभव इस नई सरकार के काम आएगा। केरल कांग्रेस (जोसेफ) के नेता मोन्स जोसेफ भी कदुथुरुथी सीट से साल 2006 से विधायक हैं और वह पहले एलडीएफ सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। पार्टी अध्यक्ष पीजे जोसेफ के चुनाव न लड़ने के बाद उन्हें कैबिनेट में जगह मिली है।
शिबू बेबी जॉन और सीपी जॉन कैबिनेट में शामिल
क्रांतिकारी सोशलिस्ट पार्टी के नेता शिबू बेबी जॉन को दूसरी बार मंत्री बनने का मौका मिला है। वह कोल्लम जिले की चवारा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और राजनीति में आने से पहले एक सफल व्यवसायी और फिल्म निर्माता रह चुके हैं। कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी के नेता सीपी जॉन पहली बार मंत्री बने हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सीट से बड़ी जीत हासिल की है। वह माकपा के पूर्व नेता रहे हैं और स्टेट प्लानिंग बोर्ड में उनके काम का लंबा अनुभव सरकार के नीति निर्धारण में बेहद काम आएगा।
अनूप जैकब को मिला ढाई साल का कार्यकाल
केरल कांग्रेस (जैकब) के संस्थापक टीएम जैकब के बेटे अनूप जैकब साल 2012 से पिरावोम सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह ओम्मन चांडी सरकार में नागरिक आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अनूप जैकब को ढाई साल के लिए मंत्री पद मिल सकता है जिसके बाद निर्दलीय विधायक मनी सी कप्पन को मौका दिया जाएगा। इस तरह यह नई सरकार केरल के विकास के लिए एक नई नीति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने को पूरी तरह तैयार दिख रही है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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