
Gautam Gambhir on T-20 WC: जीत के बाद भावुक हुए गौतम गंभीर, 2 दिग्गजों को समर्पित की ट्रॉफी
टी-20 वर्ल्ड कप में जीत के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भावुक नजर आए। उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत को दो महान दिग्गज़ों को समर्पित किया और कहा कि उनकी मेहनत और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
Gautam Gambhir on T20 WC 2026: अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के सुनहरे इतिहास का गवाह बना। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है, जिसने तीन बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई है। मैदान पर खिलाड़ियों का जश्न देखने लायक था, लेकिन असली हलचल मची मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जहाँ हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी बातों से सबका दिल जीत लिया।
अक्सर मैदान पर सख्त दिखने वाले गौतम गंभीर इस ऐतिहासिक जीत के बाद थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने इस जीत का श्रेय किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी या खुद की कोचिंग को देने के बजाय पूरे 'भारतीय क्रिकेट सिस्टम' को दिया। गंभीर ने खुले दिल से स्वीकार किया कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे सालों की मेहनत है।
गंभीर ने किसे समर्पित की यह जीत?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब गंभीर से उनकी इस कामयाबी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक बड़ा दिल दिखाते हुए इस ट्रॉफी को दो-दो खास दिग्गजों को समर्पित किया। गंभीर ने राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण का नाम लिया। गंभीर ने कहा, "सबसे पहले मैं यह ट्रॉफी राहुल भाई (राहुल द्रविड़) को समर्पित करना चाहता हूं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय व्हाइट-बॉल क्रिकेट की जो मजबूत नींव रखी, उसी का नतीजा है कि आज हमारी टीम इतनी स्थिर और संतुलित है। उन्होंने जो कुछ भी किया, उसके लिए मैं उन्हें दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं।"
इसके बाद गंभीर ने बेंगलुरु स्थित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) के हेड और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण का आभार जताया। गंभीर के अनुसार, लक्ष्मण पर्दे के पीछे रहकर भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐसी 'पाइपलाइन' तैयार कर रहे हैं, जहाँ से लगातार नई और निखली हुई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। लक्ष्मण के बिना शर्त योगदान को गंभीर ने इस जीत का अहम हिस्सा माना।
अजीत अगरकर का खास शुक्रिया
गौतम गंभीर ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक चीफ सेलेक्टर के तौर पर अगरकर को अक्सर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जिस ईमानदारी और कमिटमेंट के साथ उन्होंने टीम का चुनाव किया, वह काबिले तारीफ है। गंभीर का मानना है कि यह जीत अकेले किसी एक इंसान की नहीं, बल्कि चयनकर्ताओं, डेवलपमेंट टीम और पूरे कोचिंग स्टाफ की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
गंभीर का 'गोल्डन एरा': 2 साल में 2 आईसीसी ट्रॉफी
भारतीय क्रिकेट में अब 'गौतम गंभीर युग' की चर्चा तेज हो गई है। 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद जब गंभीर ने हेड कोच का पद संभाला था, तब उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं और गंभीर उन पर पूरी तरह खरे उतरे हैं। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम एक कभी ना हार मानने वाली टीम बन कर उभरी है। हैरान करने वाली बात यह है कि गंभीर की कोचिंग में भारत ने अब तक दो आईसीसी टूर्नामेंट खेले हैं और दोनों में ही चैंपियन बनकर उभरा है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले, भारत ने 2025 में 'चैंपियंस ट्रॉफी' का खिताब भी जीता था। लगातार दो आईसीसी खिताब जीतकर गंभीर ने साबित कर दिया है कि उनकी रणनीति और टीम मैनेजमेंट का कोई सानी नहीं है। अहमदाबाद की यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस सिस्टम की जीत है जिसे द्रविड़ ने शुरू किया, लक्ष्मण ने सींचा और अब गंभीर उसे शिखर पर ले जा रहे हैं।

