बीमार दोस्त के लिए आगे आए सचिन, विनोद कांबली की मदद के लिए तेंदुलकर ने बढ़ाया हाथ
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बीमार दोस्त के लिए आगे आए सचिन, विनोद कांबली की मदद के लिए तेंदुलकर ने बढ़ाया हाथ

सचिन और कांबली की दोस्ती हमेशा सुर्खियों में रही है। 2009 में कांबली ने एक टीवी शो पर आरोप लगाया था कि सचिन ने उनके बुरे वक्त में साथ नहीं दिया। 2024 में अस्पताल में भर्ती होने के बाद कांबली ने खुद सचिन को शुक्रिया कहा था।


भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक समय ऐसा था जब विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी को 'अजेय' माना जाता था। आज वही विनोद कांबली अपनी जिंदगी की सबसे मुश्किल पारी खेल रहे हैं। 54 वर्षीय कांबली इस समय गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, और खबर यह है कि उनके पुराने दोस्त सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर खामोशी से उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।

सचिन तेंदुलकर और दोस्तों का 'साइलेंट सपोर्ट'

रिपोर्ट्स के अनुसार, कांबली के पुराने दोस्त मार्कस कूटो ने एक खास व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप में सचिन तेंदुलकर समेत कई पूर्व क्रिकेटर और शुभचिंतक शामिल हैं। यह ग्रुप पूरी तरह गोपनीय तरीके से कांबली के इलाज के लिए आर्थिक योगदान दे रहा है। मार्कस कूटो ने पुष्टि की है कि कई पूर्व खिलाड़ी अपनी पहचान उजागर किए बिना बड़ी रकम दान कर रहे हैं ताकि कांबली का बेहतर इलाज हो सके।

गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां: ब्रेन क्लॉट और याददाश्त का जाना

विनोद कांबली की हालत पिछले कुछ महीनों में काफी बिगड़ी है। दिसंबर 2024 में उन्हें ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कूटो ने बताया कि कांबली के दिमाग में एक 'क्लॉट' (खून का थक्का) है, जिसे समय पर इलाज न मिलने के कारण अब निकाला नहीं जा सकता। इसकी वजह से उनकी याददाश्त पर बुरा असर पड़ा है और वे सही से पहचान भी नहीं पा रहे हैं।

हाल ही में कांबली को सार्वजनिक स्थानों पर चलने में संघर्ष करते देखा गया था। डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी है कि उनकी स्थिति बहुत नाजुक है। हालांकि उन्होंने शराब पीना छोड़ दिया है, लेकिन वे कभी-कभी धूम्रपान (Smoking) करते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मार्कस कूटो ने अपील की है कि लोग कांबली को सिगरेट न दें, क्योंकि यह उन्हें मदद नहीं बल्कि नुकसान पहुँचा रहा है।

सचिन और कांबली: दोस्ती का उतार-चढ़ाव

सचिन और कांबली की दोस्ती हमेशा सुर्खियों में रही है। 2009 में कांबली ने एक टीवी शो पर आरोप लगाया था कि सचिन ने उनके बुरे वक्त में साथ नहीं दिया। हालांकि, वक्त के साथ कड़वाहट कम हुई। 2024 में अस्पताल में भर्ती होने के बाद कांबली ने खुद सचिन को शुक्रिया कहा था और उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया था। आज जब कांबली बिस्तर पर हैं, तो सचिन का व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ना और मदद करना यह साबित करता है कि बचपन की दोस्ती आज भी कायम है।

क्रिकेट जगत का साथ

कांबली अकेले नहीं हैं। सुनील गावस्कर और कपिल देव जैसे दिग्गजों ने भी अतीत में उनकी मदद की है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उन्हें हर महीने 30,000 रुपये की पेंशन देता है। लेकिन उनकी वर्तमान चिकित्सा स्थिति को देखते हुए यह मदद नाकाफी साबित हो रही थी, जिसे अब उनके दोस्तों का नेटवर्क पूरा कर रहा है।

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