
टी20 वर्ल्ड कप: भारत से मुकाबले से पहले पाकिस्तान के स्पिनर के रहस्यमयी एक्शन पर नया विवाद
क्रिकेट जगत में उस्मान तारिक की ‘रुककर और फिर गेंद फेंकने’ की शैली ने बल्लेबाजों को असहज किया है और नियमों की व्याख्या पर नई चर्चा छेड़ दी है।
भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में खेले जाने वाले बहुप्रतीक्षित और हाईवोल्टेज मुकाबले से पहले पाकिस्तान का एक रहस्यमयी स्पिनर सुर्खियों में है और वो हैं पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक। अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली को लेकर वो चौंका रहे हैं। दो बार संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किए जाने और दो बार क्लियर होने के बावजूद उनकी गेंदबाजी पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।
30 वर्षीय तारिक क्रीज पर गेंद डालने से ठीक पहले एक पल के लिए ठहर जाते हैं और फिर स्लिंग की तरह गेंद फेंकते हैं। यही क्षणिक ठहराव उनकी सबसे बड़ी ताकत भी बन गया है और विवाद की वजह भी। क्रिकेट जगत में उनकी ‘रुककर और फिर गेंद फेंकने’ की शैली ने बल्लेबाजों को असहज किया है और नियमों की व्याख्या पर नई चर्चा छेड़ दी है।
मैदान पर असरदार प्रदर्शन
तारिक ने श्रीलंका में खेले जा रहे अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप मैच में अमेरिका के खिलाफ तीन विकेट लेकर तुरंत प्रभाव छोड़ा। चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में वह 88 गेंदों पर 11 विकेट ले चुके हैं और उनकी इकॉनमी छह रन प्रति ओवर से कम है।
इससे पहले नवंबर में रावलपिंडी में जिम्बाब्वे के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज में उन्होंने 4 विकेट पर 18 रन देकर हैट्रिक भी ली थी, जिससे उनकी क्षमता का अंदाजा लग गया था।
एक्शन पर सवाल और सफाई
हालांकि, उनके प्रदर्शन के साथ विवाद भी जुड़ा है। पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान उन्हें दो बार संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया, लेकिन लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी में बायोमैकेनिकल जांच के बाद दोनों बार क्लीन चिट मिल गई।
तारिक का कहना है कि उनकी कोहनी का मुड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरी बांह स्वाभाविक रूप से मुड़ती है। मैंने इसका परीक्षण करवाया है और मुझे क्लियर कर दिया गया है। यह एक जैविक कारण है।”
15 डिग्री नियम और क्रीज पर ठहराव
विवाद मुख्य रूप से दो पहलुओं पर केंद्रित है। पहला, क्रिकेट का 15-डिग्री नियम, जिसके तहत गेंदबाज डिलीवरी के दौरान अपनी कोहनी अधिकतम 15 डिग्री तक सीधी कर सकता है। दूसरा, क्रीज पर तारिक का लंबा ठहराव, जो बल्लेबाज की लय और अनुमान को बिगाड़ देता है।
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद का मानना है कि यही ठहराव उनकी सफलता की कुंजी है। उनके मुताबिक, “लंबा ठहराव बल्लेबाजों की एकाग्रता तोड़ देता है। चाहे वह तेज गेंद डालें या धीमी, बल्लेबाज समझ नहीं पाते।”
मैदान पर इसका असर भी दिखा। दक्षिण अफ्रीका के डेवॉल्ड ब्रेविस टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी दूसरी ही गेंद पर आउट हो गए, जबकि ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन ने लाहौर में सीरीज के दौरान आउट होने के बाद उनके एक्शन पर आश्चर्य जताया। बाद में ग्रीन ने मजाक उड़ाने के लिए माफी भी मांगी।
अंतरराष्ट्रीय से लीग तक प्रभाव
तारिक ने कैरेबियन प्रीमियर लीग में त्रिनबागो नाइट राइडर्स के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। श्रीलंका की धीमी पिचों को देखते हुए पाकिस्तान के चयनकर्ताओं ने उन्हें विश्व कप टीम में शामिल किया, जहां उनकी स्पिन खास भूमिका निभा सकती है।
अश्विन की राय
भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि अगर बल्लेबाज असमंजस में हों तो वे पीछे हट सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर वह रुकते हैं तो बल्लेबाज हट सकता है। यह अंपायर के लिए दिलचस्प और मुश्किल स्थिति होगी।”
हालांकि, अश्विन ने यह भी माना कि मैदान पर खड़े अंपायर के लिए 15-डिग्री की सीमा का वास्तविक समय में आकलन करना लगभग असंभव है। उनके अनुसार, “इसका समाधान रीयल-टाइम परीक्षण तकनीक हो सकता है। यह एक ग्रे एरिया है और इसका फायदा उठाने के लिए किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं।”
नवाचार बनाम नियम
तारिक को लेकर बहस क्रिकेट के उस पुराने द्वंद्व को सामने लाती है, जहां नवाचार और नियमों के बीच संतुलन की चुनौती रहती है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन जैसे कुछ आलोचकों ने उनके एक्शन की वैधता पर सवाल उठाए हैं, जबकि कई विशेषज्ञ इसे नियमों के भीतर की वैध विविधता मानते हैं।
फिलहाल, उस्मान तारिक पाकिस्तान के लिए ‘वाइल्डकार्ड’ साबित हो रहे हैं। उनका छोटा-सा ठहराव मैच के नतीजे पर बड़ा असर डाल सकता है और टी20 जैसे तेज प्रारूप में यही फर्क जीत और हार के बीच की रेखा तय कर सकता है।

