टूर्नामेंट नहीं खेल पाएंगी विनेश फोगाट, रेसलिंग फेडरेशन का प्रतिबंध
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विनेश फोगाट। फाइल फोटो।

टूर्नामेंट नहीं खेल पाएंगी विनेश फोगाट, रेसलिंग फेडरेशन का प्रतिबंध

WFI ने बताया कि संन्यास से वापसी वाले खिलाड़ियों के लिए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग एंटी-डोपिंग नियमों की अनिवार्य शर्त पूरी ना होने के कारण, विनेश नहीं खेल सकतीं।


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भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने शनिवार (9 मई) को विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। साथ ही महासंघ ने उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक दिया है।

WFI के अनुसार, संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं करने के कारण विनेश फिलहाल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की पात्र नहीं हैं।

इस फैसले का मतलब है कि दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को अपनी वापसी के लिए अब और इंतजार करना होगा। वह रविवार से शुरू हो रहे गोंडा नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के जरिए 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद खेल में वापसी करना चाहती थीं।

पिछले कुछ दिनों से इस मामले को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। विनेश ने WFI पर गोंडा टूर्नामेंट में उनकी एंट्री रोकने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में शामिल थीं। बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।

विनेश की पात्रता पर उठे सवाल

15 पन्नों के नोटिस में WFI ने आरोप लगाया कि पेरिस में विनेश के व्यवहार से “भारतीय कुश्ती की प्रतिष्ठा को स्थायी नुकसान” पहुंचा और उन्होंने WFI संविधान, UWW अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और एंटी-डोपिंग नियमों के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया।

महासंघ ने कहा कि विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों का पालन अनिवार्य है और अपनी पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी विनेश फोगाट की है।

WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने पीटीआई से कहा, “हमें यह देखना होगा कि WADA के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने संन्यास से वापसी के लिए जरूरी सभी शर्तें पूरी कर ली हैं। दोबारा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उन्हें छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होगी।”

महासंघ ने विनेश से कई आरोपों पर जवाब मांगा है। इनमें 2024 पेरिस ओलंपिक में वजन सीमा पूरी न कर पाने के कारण अयोग्य घोषित होना, एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कथित ‘वेयरअबाउट्स फेल्योर’ और मार्च 2024 में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त एड-हॉक पैनल की चयन ट्रायल में दो अलग-अलग भार वर्गों में हिस्सा लेना शामिल है।

महासंघ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विनेश 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता, जिसमें गोंडा नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल है, में हिस्सा लेने की पात्र नहीं हैं।

नोटिस में कहा गया, “महासंघ को यह सुनिश्चित करना होगा कि आपने कोई ऐसा एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन नहीं किया है, जिसके कारण आप भविष्य की प्रतियोगिताओं में महासंघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य ठहराई जाएं।”

पेरिस ओलंपिक विवाद का भी जिक्र

नोटिस में पेरिस ओलंपिक से विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित किए जाने की घटना का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। विनेश ने जापान की दिग्गज पहलवान यूई सुसाकी को हराकर महिला 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाई थी।

हालांकि स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले हुए वजन परीक्षण में उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया था, जिसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। फाइनल में उनका मुकाबला अमेरिकी पहलवान सारा हिल्डेब्रांट से होना था।

WFI ने कहा कि विनेश ने 6 अगस्त 2024 को पहले वजन परीक्षण में 49.9 किलोग्राम वजन के साथ नियमों को पूरा कर लिया था, लेकिन अगले दिन दूसरे अनिवार्य वजन परीक्षण में वह निर्धारित सीमा के भीतर नहीं आ सकीं। महासंघ के मुताबिक, उन्हें पूरा 15 मिनट का समय और कई मौके दिए गए थे।

महासंघ ने विनेश से यह भी पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनहीनता, खेल भावना के विपरीत व्यवहार और महासंघ तथा खेल के हितों को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों में अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

विनेश फोगाट को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है।

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