
राघव चड्ढा गुट का बीजेपी में विलय मंजूर,राज्यसभा में बड़ा सियासी बदलाव
राज्यसभा ने राघव चड्ढा गुट के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी दी, चड्ढा ने ‘आप’ पर सिद्धांतों से भटकने और निजी हितों का आरोप लगाया।
राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस राघव चड्ढा कैंप को बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में विलय का ऐलान किया था।राघव चड्ढा ने इसे ‘आप’ के दो-तिहाई से अधिक सांसदों का भाजपा में विलय बताया और इसके लिए राज्यसभा को पत्र लिखकर औपचारिक अनुमति भी मांगी थी।सोमवार को
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
इससे पहले राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय किया है।उन्होंने कहा कि सात सांसदों ने उस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए, जिसे राज्यसभा के सभापति को सौंपा गया। चड्ढा ने दो अन्य सांसदों के साथ व्यक्तिगत रूप से यह दस्तावेज़ जमा कराया।
पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप
पार्टी छोड़ने के फैसले पर राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।चड्ढा ने भावुक अंदाज में कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने 15 वर्षों तक मेहनत और समर्पण से मजबूत किया, वह अब अपने रास्ते से हट चुकी है और देशहित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है।
बदलते राजनीतिक हालात
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में पार्टी के विस्तार के लिए सभी नेताओं ने मिलकर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।चड्ढा ने कहा कि वह अब पार्टी से दूरी बनाकर सीधे जनता के बीच जाने का फैसला कर चुके हैं।

