
AAP में बड़ा उलटफेर! राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाने की मांग
AAP ने राज्यसभा में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने की मांग की है, अशोक मित्तल को नया उपनेता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर पार्टी के उपनेता पद से राघव चड्ढा को हटाने की मांग की है। गुरुवार को सूत्रों ने यह जानकारी दी।सूत्रों के अनुसार, पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता बनाए जाने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी द्वारा राज्यसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में एक और सख्त निर्देश शामिल है। इसमें कहा गया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए पार्टी के निर्धारित कोटे से समय न दिया जाए। फिलहाल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 सांसद हैं, जिनमें 7 पंजाब और 3 दिल्ली से आते हैं।
पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) से कथित नजदीकियों को लेकर भी चर्चा तेज रही है। हालांकि, AAP के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा कि चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है और ये सभी बातें निराधार हैं।
सार्वजनिक मंचों से दूरी पर उठे सवाल
चड्ढा के बीजेपी में जाने की अटकलों को उस समय और बल मिला, जब दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद भी वह पार्टी के कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर नहीं आए। इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम पर उनकी ओर से कोई खास प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई।
संजय सिंह ने यह जरूर स्वीकार किया कि हाल के महीनों में राघव चड्ढा की सार्वजनिक सक्रियता कम हुई है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह खुद चड्ढा ही बेहतर तरीके से बता सकते हैं।
कौन हैं राघव चड्ढा?
राघव चड्ढा AAP के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रवक्ता हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट चड्ढा 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए और ऊपरी सदन के सबसे युवा सदस्यों में गिने जाते हैं। दिसंबर 2023 में, जब संजय सिंह जेल में थे, तब उन्हें पार्टी का राज्यसभा नेता बनाया गया था। उन्होंने संसद में शिक्षा की बढ़ती लागत, कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और ‘राइट टू रिकॉल’ जैसे मुद्दे उठाए हैं। हालांकि हाल के दिनों में उनकी चुप्पी को लेकर सवाल भी उठे हैं।
कौन हैं अशोक कुमार मित्तल?
डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब के जालंधर से संबंध रखते हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर चांसलर हैं। उन्होंने 2022 में AAP के टिकट पर राज्यसभा चुनाव जीता था। शिक्षा क्षेत्र में उनकी मजबूत पहचान है और उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है। मित्तल सदन में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखते रहे हैं।

