
अमरावती सेक्स स्कैंडल: मोहम्मद के घर चला बुलडोजर, 350 वीडियो की जांच
अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय और ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीमें इस नेटवर्क के हर तार को खंगाल रही हैं ताकि इस जघन्य अपराध में शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके
अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा क्षेत्र में एक रूह कंपा देने वाला सेक्स स्कैंडल सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। इस मामले की संवेदनशीलता और भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर सख्त संदेश दिया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 4 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
किराए के कमरे में शोषण और वीडियो का खेल
अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना अमरावती शहर में एक किराए का कमरा लेकर यह पूरा काला कारोबार चला रहा था। जांच में सामने आया है कि पीड़ित लड़कियों को बहला-फुसलाकर इस कमरे में लाया जाता था, जहां उनके साथ शोषण किया जाता था और चोरी-छिपे उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में दो पीड़िताओं के ऐसे वीडियो बरामद किए हैं जो इसी कमरे में बनाए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अयान अहमद तनवीर अहमद (19), उजैर खान इकबाल खान (20), मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर (22) और तरबेज खान तस्लीम खान (24) को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक आरोपी वीडियो वायरल करने का काम करता था। जबकि एक अन्य ने अपराध के लिए कमरा उपलब्ध कराया था। वर्तमान में 8 पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है और 3 अन्य के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
47 सदस्यीय SIT और डिजिटल फोरेंसिक जांच
मामले की विशालता को देखते हुए 47 सदस्यों वाली एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान आईपीएस अधिकारी शुभम कुमार को सौंपी गई है। इस टीम में क्राइम ब्रांच के अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ महिला पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
SIT का मुख्य ध्यान अब उन वीडियो को रिकवर करने पर है, जिन्हें आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए डिलीट कर दिया था। इसके लिए डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। साथ ही पुलिस साक्ष्यों को मजबूत करने के लिए घटनास्थल का 'रीक्रिएशन' भी करेगी। ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस मामला पेश किया जा सके।
180 पीड़िताओं का दावा और पुलिस की अपील
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस स्कैंडल में 180 पीड़िताओं और 350 वीडियो होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। पुलिस ने आम जनता और अन्य पीड़ितों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के सामने आएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता और पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।
अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय और ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीमें इस नेटवर्क के हर तार को खंगाल रही हैं। ताकि इस जघन्य अपराध में शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

