
अन्ना हजारे का केजरीवाल पर प्रहार, बताई साथियों के 'आप' छोड़ने की वजह
जिन अन्ना हजारे के त्याग और अनशन को सीढ़ी बनाकर आम आदमी पार्टी खड़ी हुई थी, उन्हीं दिग्गज सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है 'आप' के भीतर कुछ तो कठिनाई होगी, जो...
मुंबई, 24 अप्रैल (पीटीआई): सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी (AAP) के छह अन्य राज्यसभा सदस्य पार्टी नहीं छोड़ते, यदि वह "सही" रास्ते पर चली होती।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में पत्रकारों से बात करते हुए हजारे ने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्हें (चड्ढा और अन्य को) कुछ परेशानी हुई होगी, इसीलिए उन्होंने पार्टी छोड़ी।”
इससे पहले दिन में, 'आप' के राज्यसभा सदस्यों राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने दिल्ली में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
चड्ढा ने दावा किया कि 'आप' के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक अलग गुट के रूप में कार्य करेंगे।
हजारे ने कहा, “यह उनकी ('आप' नेतृत्व की) गलती है। अगर वह पार्टी सही रास्ते पर चली होती, तो वे नहीं छोड़ते।”
हजारे ने दोहराया कि चड्ढा और अन्य को 'आप' के भीतर कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा और इसीलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उन्होंने आगे कहा, “अगर पार्टी सही दिशा में गई होती, तो वे पार्टी नहीं छोड़ते।”
हजारे ने कहा, “उनके ('आप' छोड़ने के) पीछे कोई न कोई कारण जरूर रहा होगा। लोकतंत्र में हर व्यक्ति का अपना नज़रिया होता है कि उसे कहाँ रहना है और कहाँ से जाना है।”
चड्ढा के नेतृत्व में हुआ यह पलायन 2012 में अपने गठन के बाद से केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है, जो अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की गति के बाद अस्तित्व में आई थी।
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