दिल्ली से मतभेद, चेन्नई से नई शुरुआत, अन्नामलाई का बड़ा राजनीतिक दांव
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दिल्ली से मतभेद, चेन्नई से नई शुरुआत, अन्नामलाई का बड़ा राजनीतिक दांव

भाजपा छोड़ने के बाद के. अन्नामलाई ने नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।


तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलग होने के बाद राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। चेन्नई में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने इस्तीफे के कारणों पर विस्तार से बात करते हुए राज्य में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की घोषणा की।

अन्नामलाई ने स्पष्ट कहा कि भाजपा नेतृत्व के साथ उनके विचारों में बुनियादी मतभेद थे और इसी वजह से उन्होंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी नई पार्टी तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

‘भाजपा नेता या तमिलियन’ के बीच था वैचारिक संघर्ष

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अन्नामलाई ने अपने भीतर चल रहे वैचारिक संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनके मन में यह सवाल चल रहा था कि उनकी प्राथमिक पहचान एक भाजपा नेता की है या एक तमिलियन की।अन्नामलाई ने कहा, “मेरे भीतर यह बड़ा द्वंद्व था कि मैं भाजपा का व्यक्ति हूं या एक तमिलियन। इसी सवाल ने मुझे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया।”

उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी छोड़ने का फैसला उन्होंने काफी पहले ही कर लिया था। उनके अनुसार, उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को भाजपा नेतृत्व को अपने इस्तीफे के इरादे की जानकारी दे दी थी, लेकिन पार्टी ने उनसे चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करने का अनुरोध किया था।

‘शीर्ष नेतृत्व पर बोझ नहीं बनना चाहता था’

अन्नामलाई ने बताया कि 2 जून को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेजे गए अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने अपनी भावनाएं स्पष्ट रूप से व्यक्त की थीं।उन्होंने पत्र में लिखा था कि तमिलनाडु में विकासोन्मुखी और सांस्कृतिक रूप से मजबूत राजनीति को लेकर उनके अपने विचार हैं और वे इन विचारों को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनाना चाहते। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, “मैं पार्टी पर बोझ नहीं बनना चाहता था। मुझे लगा कि मेरे विचार और पार्टी की दिशा अलग हो रही है, इसलिए सम्मानजनक तरीके से अलग होना ही बेहतर विकल्प था।”

नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे

भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई ने अपने राजनीतिक भविष्य की रूपरेखा भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की जा रही है, जो राज्य की राजनीति को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।उन्होंने घोषणा की, “आज हम एक आंदोलन शुरू कर रहे हैं। हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।” अन्नामलाई का कहना है कि राज्य की जनता अब पारंपरिक गठबंधन राजनीति से आगे बढ़कर एक स्वतंत्र और वैकल्पिक राजनीतिक सोच चाहती है। उनकी नई पार्टी इसी सोच का प्रतिनिधित्व करेगी।

रजनीकांत का प्रस्ताव भी किया अस्वीकार

अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि सुपरस्टार रजनीकांत ने उन्हें अपने साथ जुड़ने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि उन्होंने उस प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया।उन्होंने कहा, “रजनीकांत जी ने मुझसे उनके साथ जुड़ने का अनुरोध किया था, लेकिन मैंने अपना स्वतंत्र राजनीतिक आंदोलन शुरू करने का फैसला किया। मुझे लगा कि तमिलनाडु की राजनीति में अपनी अलग पहचान और विचारधारा के साथ आगे बढ़ना ज्यादा जरूरी है।”

तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत

अन्नामलाई का भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाना तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा में रहते हुए उन्होंने राज्य में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और खुद को एक मजबूत क्षेत्रीय नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश की थी।अब उनकी नई राजनीतिक पारी राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि अन्नामलाई की नई पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभाव छोड़ पाती है और क्या वह तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीतिक ध्रुवीकरण को चुनौती दे पाएगी।

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