TMC को लगा एक और झटका, रंगदारी और आपराधिक धमकी के मामले में सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार
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TMC को लगा एक और झटका, रंगदारी और आपराधिक धमकी के मामले में सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार

सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। बिधाननगर के मेयर और चेयरमैन के तौर पर उनका इलाके में काफी दबदबा रहा है। हालांकि, उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है।


पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और बिधाननगर नगर निगम (BMC) के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरफ्तारी मंगलवार (9 जून) की सुबह तड़के उत्तर 24 परगना जिले से की गई है। सब्यसाची दत्ता पर एक स्थानीय कारोबारी से रंगदारी (Extortion) वसूलने और उसे जान से मारने की आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) देने का बेहद गंभीर आरोप लगा है।

रातों-रात पड़ा पुलिस का छापा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सब्यसाची दत्ता के खिलाफ एक रसूखदार व्यवसायी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी का आरोप था कि पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता लंबे समय से रंगदारी की गतिविधियों में शामिल थे और उन्हें डरा-धमका रहे थे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और उनके खिलाफ एक एफआईआर (FIR) दर्ज की। इसके बाद, मंगलवार की सुबह पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर 24 परगना के रायगाछी इलाके में स्थित दत्ता के निजी आवास पर छापा मारा और उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया।

दल-बदल की राजनीति और चुनावी हार

सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। बिधाननगर के मेयर और चेयरमैन के तौर पर उनका इलाके में काफी दबदबा रहा है। हालांकि, उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2019 में ममता बनर्जी से मतभेदों के बाद उन्होंने टीएमसी छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था। लेकिन बीजेपी में उनका मन ज्यादा दिन नहीं लगा और करीब दो साल बाद ही वह वापस ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी में घर वापसी कर गए। हाल ही में हुए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने उन्हें बारासात सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन इस चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।

TMC नेताओं पर कसता जा रहा है शिकंजा

पश्चिम बंगाल की नई सरकार के गठन के बाद से टीएमसी के कई बड़े नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सब्यसाची दत्ता की यह गिरफ्तारी इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि कुछ ही दिन पहले बिधाननगर के ही पूर्व विधायक और टीएमसी सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। सुजीत बोस इस समय नगर निकाय भर्ती घोटाले (Civic Body Job Scam) के मामले में जेल में बंद हैं। सुजीत बोस के जेल जाने के ठीक बाद बिधाननगर के ही दूसरे बड़े नेता सब्यसाची दत्ता का गिरफ्तार होना यह दिखाता है कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस गिरफ्तारी के बाद से बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है।

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