
‘एजिटेशन’ या ‘एजुकेशन’, वायरल VIDEO पर घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी वायरल वीडियो को लेकर विवादों में हैं। विपक्ष और अलग अलग संगठनों ने उनके बयान पर हमला बोला है और मंत्री जी अब सफाई दे रहे हैं।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। विपक्ष और कई संगठनों ने इन वीडियो को लेकर उन पर निशाना साधा है। राजनीतिक विश्लेषक डॉ लक्ष्मन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी कहते हैं कि लड़कियों को शिक्षा की ज़रूरत नहीं, उन्हें घर में ही रहना चाहिए। और यही लोग नारी सम्मान की बातें करते हैं।सोचिए, जिनके हाथों में शिक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी है, अगर उनकी सोच ऐसी होगी तो बच्चों और समाज का भविष्य कैसा बनेगा?अपने बच्चों के भविष्य को ऐसे लोगों की संकीर्ण सोच से बचाइए।
क्या था मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला 8 मई का है, जिस दिन मिथिलेश तिवारी ने बिहार के शिक्षा मंत्री के रूप में पदभार संभाला था। आठ मई को ही TRE-4 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई अभ्यर्थियों पर केस भी दर्ज किए गए। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं पर भी लाठियां चलने की खबर सामने आई थी।
जब पत्रकारों ने शिक्षा मंत्री से पूछा कि महिला अभ्यर्थियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज क्यों किया गया। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था, “आखिर एजिटेशन यानी आंदोलन की जरूरत क्या है? हमारे घर की बेटियां हमारी शक्ति हैं। जब मोदी जी नारी शक्ति वंदन के लिए खड़े हैं, तो बेटियों को सड़क पर उतरने की क्या जरूरत है?”
अब विवाद की जड़ यही बयान बन गया है। मंत्री ने अपने बयान में एजिटेशन शब्द का इस्तेमाल किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे एजुकेशन बताकर वायरल किया जाने लगा। इसी को लेकर विपक्ष और कई संगठनों ने उन पर लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाया, जिसके बाद सियासी घमासान तेज हो गया।
क्या है झाड़-फूंक वाला वीडियो?
वहीं, दूसरा वीडियो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शेयर किया, जिसमें मिथिलेश तिवारी एक मंदिर में पूजा-अर्चना करते और पुजारी से आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। आरजेडी ने इसे झाड़-फूंक से जोड़ते हुए तंज कसा।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने मिथिलेश तिवारी ने कहा, “उन्होंने क्या गलत किया? मंदिर में पुजारी जिस तरह आशीर्वाद देते हैं, वही हुआ। इसे मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है? आरजेडी वाले खुद अजान में विश्वास रखते हैं। जब उनके कोटे से शिक्षा मंत्री थे, तब रामचरितमानस पर सवाल उठाए जाते थे। हम लोग तो भगवान राम की पूजा करते हैं।”
विवादों के बीच मिथिलेश तिवारी ने टीआरई-4 भर्ती को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि वैकेंसी जारी होने में देरी क्यों हो रही है और जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।

