
महिला सशक्तिकरण या वोट साधने की कोशिश? योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा
यूपी में महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ बनाकर BJP ने बड़ा अभियान शुरू किया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला वोटरों को साधने की कोशिश तेज हो चुकी है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। ‘आधी आबादी’ के अधिकार को केंद्र में रखकर सियासी और सामाजिक स्तर पर माहौल तैयार किया जा रहा है। राजधानी लखनऊ से शुरू हुए इस अभियान की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संभाली, जिससे यह संकेत साफ है कि महिला सशक्तीकरण अब सरकार और संगठन के एजेंडे में प्रमुख स्थान रखता है। इस पहल के जरिए एक ओर महिलाओं को जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष के रुख को भी जनता के बीच मुद्दा बनाने की तैयारी है।
‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ से अभियान की शुरुआत
लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ के साथ इस अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक करीब दो किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में लगभग 15 हजार महिलाओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी पैदल चले। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं का उत्साह पूरे आयोजन में साफ दिखाई दिया।
‘आधी आबादी का अधिकार’ के रूप में पेश होगा मुद्दा
सरकार और संगठन ने महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ के रूप में जनता के बीच स्थापित करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस पहल को जनांदोलन का रूप देने की योजना है, ताकि गांव से लेकर शहर तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध किया या टालमटोल किया, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को रैलियों, जनसभाओं और घर-घर संपर्क अभियानों के जरिए व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता में चार प्रमुख वर्ग—महिलाएं, गरीब, युवा और किसान—शामिल हैं, और इनके सशक्तीकरण के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
बूथ स्तर तक जाएगा अभियान
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा। इसे बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। इस पहल के जरिए महिला मतदाताओं को जोड़ने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने पर जोर दिया जाएगा।
गर्मी के बीच भी दिखा उत्साह
तेज धूप और गर्मी के बावजूद पदयात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन के दौरान जगह-जगह पानी की व्यवस्था और एंबुलेंस तैनात की गई थीं। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए महिला सम्मान और अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने विपक्ष की नीतियों की आलोचना करते हुए महिला आरक्षण के समर्थन में अपने विचार रखे।

