दिल्ली के साकेत में  पांच मंजिला इमारत गिरी, अब तक चार लोगों की मौत
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दिल्ली के साकेत में पांच मंजिला इमारत गिरी, अब तक चार लोगों की मौत

दिल्ली के साकेत इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने से कई लोग मलबे में दब गए। अब तक 13 लोगों को निकाला गया है, जबकि राहत-बचाव अभियान जारी है।


दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सैदुल्लाजाब इलाके में शनिवार शाम एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और कई लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए और एमसीडी की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।इस हादसे में अब तक चार लोगों की ंमौत हुई है।

हादसा शनिवार शाम करीब 7:45 बजे हुआ था। पांच मंजिला (ग्राउंड प्लस चार) पुरानी इमारत बगल में स्थित अस्थायी टिन शेड वाली कैंटीन पर गिर गई। उस समय कैंटीन में कई लोग खाना खा रहे थे, जिनमें कुछ कोचिंग छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।

13 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

बचाव दलों ने अब तक मलबे में दबे 13 लोगों को बाहर निकाल लिया है। राहत कार्य को तेज करने के लिए दो बुलडोजर भी मौके पर मंगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, इसलिए सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है।

एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों में दो की हालत गंभीर

मलबे से निकाले गए 10 घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इनमें दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। एक मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जबकि दूसरा शॉक की स्थिति में है। घटना के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

अवैध निर्माण की आशंका

मौके पर मौजूद फायर विभाग के अधिकारी रविंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत की चौथी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि पुरानी इमारत पर अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था, जिसके कारण संरचना कमजोर हो गई और हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

संकरी गलियों ने बढ़ाई राहत कार्य की चुनौती

स्थानीय लोगों के अनुसार, सैदुल्लाजाब की संकरी गलियां और घनी आबादी राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बन रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत कुछ ही सेकंड में ढह गई और आसपास कंक्रीट तथा लोहे के सरियों का विशाल मलबा फैल गया। हादसे के बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया।

वीकेंड होने से टला बड़ा हादसा

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शनिवार होने के कारण आसपास के अधिकांश कार्यालय बंद थे, जिससे इलाके में सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ थी। यदि यह हादसा कार्यदिवस में होता, तो बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका थी।एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “इमारत में कई कार्यालय संचालित होते थे, लेकिन वीकेंड होने के कारण अधिकांश बंद थे। इसी वजह से अंदर लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। इमारत पूरी तरह ढह गई और आसपास की कुछ छोटी इमारतें भी इसकी चपेट में आ गईं।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताई चिंता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी और नागरिक सुरक्षा की टीमें समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

आतिशी ने की सहयोग की अपील

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की विधायक Atishi ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मलबे में दबे सभी लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की कामना करती हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं से राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करने तथा घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।

फिलहाल, राहत एवं बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही मलबे में फंसे लोगों तथा घायलों की वास्तविक संख्या के बारे में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।

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